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बुधवार, 06 फ़रवरी, 2008 को 10:52 GMT तक के समाचार

बंदः पश्चिम बंगाल में जनजीवन प्रभावित

पश्चिम बंगाल के कूच बिहार ज़िले में मंगलवार को हुई पुलिस फ़ायरिंग के बाद बुधवार को बुलाए गए राज्यव्यापी बंद के कारण राज्य में अनेक जगह जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा.

रेल और सड़क यातायात कई जगह बाधित रहा और पुलिस ने बंद का समर्थन कर रहे लगभग 160 लोगों को हिरासत में ले लिया.

कूच बिहार ज़िले में फ़ारवर्ड ब्लाक ने मंगलवार को एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था. इसके दौरान हुई पुलिस फ़ायरिंग में पाँच लोग मारे गए और फिर एक घायल व्यक्ति ने भी दम तोड़ दिया.

बंद के समर्थकों ने कई रेलवे लाइनों और सड़कों पर यातायात को बाधित किया जिसके कारण हावड़ा और सियालदा स्टेशनों पर रेल सेवा प्रभावित हुई और हज़ारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

वाममोर्चे में दरार?

कूच बिहार के दिनहाटा में मंगलवार को हुई पुलिस फ़ायरिंग के बाद राज्य के सत्तारूढ़ वाममोर्चे में दरार के आसार दिख रहे हैं.

सत्तारुढ़ वाममोर्चे में शामिल फ़ॉरवर्ड ब्लॉक ने अपनी ही सरकार की कार्रवाई के ख़िलाफ़ राज्यव्यापी बंद बुलाया.

वर्ष 1977 में पहली बार पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे की सरकार बनने के बाद ऐसा हुआ है कि सत्ताधारी मोर्चे के एक घटक दल ने अपनी ही सरकार के ख़िलाफ़ बंद बुलाया है.

बंद के इस आह्वान का समर्थन करने में तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बैनर्जी ने बिलकुल देरी नहीं की और विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इसका समर्थन किया.

लेकिन वाम मोर्चे का नेतृत्व कर रही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के लिए चिंता की बात यह है कि इस बंद को वाममोर्चे के दो और दल आरएसपी और सीपीआई ने भी समर्थन देने का ऐलान किया.

ग़ौरतलब है कि नंदीग्राम के मुद्दे पर पहले ही फॉरवर्ड ब्लाक राज्य सरकार और ख़ासतौर पर सीपीएम का विरोध कर चुकी है.

फॉरवर्ड ब्लाक ने कहा था कि नंदीग्राम में हिंसा और क़ानून व्यवस्था चरमराने के लिए केवल सीपीएम ज़िम्मेदार है और इसमें उन्हें शामिल न माना जाए.