मंगलवार, 05 फ़रवरी, 2008 को 09:45 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने मुलायम सिंह सरकार के कार्यकाल में हुए पुलिस भर्ती में हुए कथित घोटाले की जाँच केंद्रीय जाँच एजेंसी (सीबीआई) से करवाने की सिफ़ारिश की है.
मायावती ने एक पत्रकारवार्ता में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक जाँच समिति बनाई थी और प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि पुलिस भर्ती में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ.
उन्होंने कहा कि पता चला है कि इसमें तत्कालीन लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव और तत्कालीन पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह भी इस भ्रष्टाचार में लिप्त थे.
मुख्यमंत्री मायावती ने कहा, "हम दोषी लोगों को सज़ा देना चाहते हैं लेकिन यह नहीं चाहते कि इसे राजनीतिक द्वेष के कारण की गई कार्रवाई माना जाए इसलिए इसे केंद्र सरकार की एजेंसी के पास भेजने का फ़ैसला लिया गया है."
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बनते ही मायावती ने पूर्ववर्ती मुलायम सिंह सरकार के कार्यकाल के दौरान भर्ती किए गए 18 हज़ार पुलिस कर्मियों की भर्ती निरस्त कर दी थी.
कुछ आईपीएस अधिकारियों को भी निलंबित किया गया था लेकिन बाद में उनकी बहाली हो गई. हालांकि उनके ख़िलाफ़ मामला अभी भी चल रहा है.
संवाददाताओं का कहना है कि मायावती फ़िलहाल मुलायम सिंह यादव से सीधा टकराव नहीं चाहतीं इसलिए यह मामला सीबीआई को सौंपने का फ़ैसला किया है.
उल्लेखनीय है कि शिवपाल सिंह यादव पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के भाई हैं.
वैसे इससे पहले मायावती ने भाजपा के भड़काने वाली सीडी का मामला और इलाहाबाद के बसपा विधायक राजू पाल की हत्या का मामला भी सीबीआई को देने की सिफ़ारिश की थी लेकिन उनकी सिफ़ारिश स्वीकार नहीं हुई थी.
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इसकी संभावना कम ही है कि नई सिफ़ारिश भी केंद्र सरकार मान ले क्योंकि मायावती इस समय केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ लगातार वार करती रही हैं.