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मंगलवार, 05 फ़रवरी, 2008 को 14:42 GMT तक के समाचार

विमान अपहरण मामले में तीन को उम्रक़ैद

पटियाला की एक अदालत ने दिसंबर 1999 में काठमांडू से इंडियन एयरलाइंस के एक विमान के अपहरण के मामले तीन लोगों को दोषी पाया है और उन्हें उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.

न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह वालिया ने अब्दुल लतीफ आदम मोमिन उर्फ़ अब्दुल रहमान उर्फ़ पटेल, युसूफ नेपाली और दिलीप भुजैल को विमान अपहर्ताओं की मदद करने का दोषी करार दिया है.

इन तीनों पर मूल अपहर्ताओं को शरण, पासपोर्ट और हथियार मुहैया कराने का आरोप था.

इस कांड के मुख्य अभियुक्त पकड़े नहीं जा सके पर हैं और इन तीनों को तभी पकड़ लिया गया था और ये लोग तब से पटियाला की जेल में बंद थे.

सीबीआई ने इस मामले में कुल दस लोगों को अभियुक्त बनाया था जिसमें से सात अभी तक फरार हैं. सीबीआई ने फरार अभियुक्तों को पकड़ने के लिए इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी करवाया है पर वे पकड़ से बाहर हैं.

अदालत ने इन तीनों पर हत्या के आरोप, हवाई जहाज़ में हिंसा करने और एंटी हाइजैकिंग एक्ट के तहत दोषी करार दिया. साथ ही अदालत ने इन तीनों पर दस हज़ार का जुर्माना भी लगाया है.

अभियोजन पक्ष ने मांग की थी कि अब्दुल लतीफ को मृत्युदंड दिया जाए. इनका आरोप था कि लतीफ़ ने अपहरण की साजिश में मुख्य भूमिका अदा की थी.

दूसरे आरोपी युसूफ नेपाली पर आरोप था कि उसने आरोपियों को पासपोर्ट और टिकट मुहैया कराया था, दोषी पाए गए लोगों के वकील ने कहा है कि वे ऊपरी अदालत में अपील करेंगे.

इंडियन एयरलाइंस की विमान सेवा आईसी-814 का काठमांडू से 24 दिसंबर 1999 की शाम को अपहरण हुआ था. अपहरणकर्ता विमान को अमृतसर में थोड़ा देर रोकने के बाद उसे जबरन कंधार ले गए थे.

उस घटना में चालक दल समेत सभी 189 लोगों को बाद में रिहा कर दिया गया था लेकिन एक यात्री रूपन कटयाल विमान अपहरण के दौरान मारे गए थे साथ ही एक अन्य यात्री बुरी तरह से घायल हो गए थे.

भारत की तत्कालीन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चत करने के लिए तीन चरमपंथियों को कंधार ले जाकर रिहा करना पड़ा था.

तत्कालीन सरकार के मंत्री जसवंत सिंह ख़ुद तीन चरमपंथियों साथ कंधार गए थे. छोड गए चरमपंथियों में जैश-ए -मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, अहमद ज़रगर और शेख अहमद उमर सईद शामिल थे.