सोमवार, 04 फ़रवरी, 2008 को 13:04 GMT तक के समाचार
श्रीलंका की सेना का कहना है कि उत्तरी श्रीलंका में एक बस पर हुए बम हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है. ये घटना अनुराधापुर शहर के पास हुई.
ये घटना ऐसे समय में हुई है जब श्रीलंका में आज़ादी की 60वीं सालगिरह मनाई जा रही है. देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और सेना हाई अलर्ट पर है.
श्रीलंका में हाल के दिनों में हिंसा की घटनाओं में एकाएक तेज़ी आ गई है.
रविवार को ही राजधानी कोलंबो के एक मुख्य रेलवे स्टेशन पर हुए आत्मघाती बम धमाके में 11 लोग मारे गए थे. जबकि शनिवार को दम्बुला शहर में एक बस में हुए धमाके में 18 लोग मारे गए थे.
सरकार ने इन हमलों के लिए तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई को ज़िम्मेदार ठहराया है. लेकिन एलटीटीई ने अपनी किसी भूमिका से इनकार किया है.
'जंग में जीत'
इससे पहले राजधानी कोलंबो में आज़ादी की 60वीं सालगिरह के मौक़े पर राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने कहा कि सेना आतंकवादियों के ख़िलाफ़ जंग में जीत हासिल कर रही है.
उन्होंने कहा, "दो साल से भी कम समय में हमने पूर्वी प्रांत के बड़े हिस्से पर फिर से नियंत्रण स्थापित कर लिया है जो आतंकवादियों के क़ब्ज़े में था. अब वे सिर्फ़ दो ज़िलों में सिमट कर रह गए हैं. हम मानवाधिकार का ख़्याल करते हुए जंग जारी रखेंगे."
इस बीच आज़ादी की 60वीं सालगिरह पर एलटीटीई ने फिर कहा है कि वे देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्से में एक तमिल राष्ट्र के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
एलटीटीई के प्रवक्ता बी नदेसन ने कहा, "यह हमारे लोगों के लिए न ही आज़ादी का दिन है और न ही इस पर समारोह मनाने का दिन. श्रीलंका सरकार तमिल लोगों के नरसंहार का काम जारी रखे हुए है."
आज़ादी की सालगिरह को देखते हुए देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. राजधानी कोलंबो को पूरी तरह सील कर दिया गया है और शहर में कई चौकियाँ बनाई गई हैं.