गुरुवार, 31 जनवरी, 2008 को 10:08 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारियों के अनुसार एक मस्जिद में हुए विस्फोट में हलमंद प्रांत के डिप्टी गवर्नर की मृत्यु हो गई.
पुलिस के अनुसार हेलमंद की राजधानी लश्कर गाह में हुआ विस्फोट आत्मघाती हमला है.
समाचार एजेंसी एपी के एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोट में डिप्टी गवर्नर हाजी पीर मोहम्मद और आत्मघाती हमलावर समेत सात लोग मारे गए.
अफ़ग़ानिस्तान का दक्षिणी प्रांत हेलमंद इस्लामिक चरमपंथी संगठन तालेबान का मज़बूत गढ़ माना जाता है और अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के अभियान में शामिल छह हज़ार ब्रिटिश सैनिकों में से ज़्यादातर इसी सूबे में हैं.
एक स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि विस्फोट के बाद छह शव अस्पताल लाए जा चुके हैं. इसमें डिप्टी गवर्नर का भी शव शामिल है.
बताया जा रहा कि जिस मस्जिद में विस्फोट हुआ है उसके आस-पास कई सरकारी कार्यालय हैं.
भविष्य को लेकर चिंता
इस बीच अफ़ग़ानिस्तान के भविष्य पर तैयार तीन अलग-अलग स्वतंत्र रिपोर्टों में देश की सुरक्षा और विकास को लेकर चिंता जताई गई है.
ये रिपोर्टें अफ़गानिस्तान के भविष्य को लेकर लंदन में खाका तैयार करने के दो साल बाद आई है.
सहायता एजेंसी ऑक्सफ़ैम ने कहा है, "अगर काम करने की दिशा में बड़ा बदलाव नहीं लाया गया तो अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति एक मानवीय त्रासदी साबित होगी. अंतरराष्ट्रीय मदद दिशाहीन है और विकास के लिए मिल रहे लाखों डॉलर बर्बाद हो रहे हैं."
अमरीका में तैयार हुई दो रिपोर्टों में भी चेतावनी दी गई है कि अफ़ग़ानिस्तान को विफल राज्य बनने से रोकने के लिए नया रवैया अपनाने की ज़रूरत है.
'यूएस अटलांटिक काउंसिल' ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, "नैटो अफ़ग़ानिस्तान में जीत नहीं रहा है और अगर तुरंत बड़ा बदलाव नहीं लाया गया तो यह देश विफल राज्य बन सकता है."
एक स्टडी ग्रुप ने अपनी रिपोर्ट में अफ़ग़ानिस्तान की तस्वीर कुछ इस तरह पेश की है, "लगातार हिंसा, कमज़ोर अंतरराष्ट्रीय इच्छाशक्ति, काफ़ी कम सेना और अपर्याप्त आर्थिक सहायता."