बुधवार, 30 जनवरी, 2008 को 15:37 GMT तक के समाचार
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने साल 2007 में विधान सभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी की ओर से कथित तौर पर वितरित की गई उस सीडी की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो से कराने का फ़ैसला किया है जिसमें मुसलमानों के बारे में कथित रूप से कुछ आपत्तिजनक बातें कही गई थीं.
बुधवार को मायावती ने लखनऊ में एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि उस सीडी में जो बातें कही गई थीं उसकी जाँच सीबीआई से कराने का फ़ैसला किया था ताकि सच सामने आ सके.
ग़ौरतलब है कि उस सीडी में मुसलमानों के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक बातें कही गई थीं.
मायावती ने कहा कि इस मामले में एफ़आईआर दर्ज होने के बाद यह फ़ैसला किया गया है कि इसकी जाँच की ज़िम्मेदारी सीबीआई को सौंपी जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा, "इस सीडी मामले की आरंभिक जाँच में यह बात सामने आई है कि यह ऑडियो सीडी तैयार करने में भारतीय जनता पार्टी के अनेक नेताओं की भूमिका संभव है."
उन्होंने कहा, "इसलिए इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए और बहुजन समाज पार्टी और सरकार पर यह आरोप ना लगे कि राजनीतिक विद्वेष की भावना के साथ यह जाँच कराई जा रही है, इसलिए इस मामले की नए सिरे से जाँच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया गया है."
उस सीडी को भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष लालजी टंडन ने अप्रैल 2007 में लखनऊ में एक सार्वजनिक समारोह में जारी किया था.
लेकिन जब उस सीडी में कही गई बातों पर विवाद उठा तो टंडन ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया था कि वो सीडी पार्टी की चुनाव प्रचार सामग्री का हिस्सा नहीं है.
आरोप लगाया गया था कि उस सीडी में गोहत्या, बाबरी मस्जिद और गोधरा कांड जैसे मुद्दों को बहुत ही उत्तेजक ढंग से पेश किया गया था.
इस पर चुनाव आयोग ने भाजपा को नोटिस जारी करते हुए वरिष्ठ नेताओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे.