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बुधवार, 30 जनवरी, 2008 को 14:24 GMT तक के समाचार

'परवेज़ मुशर्रफ़ अतिवादी जनरल'

पाकिस्तान के पूर्व मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी ने खुद को और 60 अन्य जजों को पद से हटाने के लिए राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को 'अतिवादी जनरल' करार दिया है.

उनके परिवार को घर में नज़रबंद करके रखने के लिए इफ़्तिख़ार चौधरी ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति की आलोचना की है.

सरकार के कई फ़ैसलों और मानवाधिकार के उल्लंघन के मामलों पर कड़ा रुख अपनाने के लिए इफ़्तिखार चौधरी सुर्खियों में रहे हैं.

जब नवंबर में परवेज़ मुशर्रफ़ ने पाकिस्तान में आपातकाल लागू कर दिया था तो इफ़्तिखार चौधरी को पद से हटा दिया गया था.

उन्हें ऐसे समय हटाया गया था जब अदालत राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को दोबारा चुने की वैधता पर फ़ैसला देने वाली थी.

इससे पहले अवैध रूप से पकड़े गए राजनीतिक कार्यकर्ताओं के ग़ायब होने जैसे संवेदनशील मामले उठाने के लिए भी इफ़्तिखार चौधरी चर्चा में रहे हैं.

कड़ी आलोचना

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के एक प्रवक्ता ने कहा है कि वे इफ़्तिख़ार चौधरी की इन शिकायतों पर टिप्पणी नहीं कर सकते जो अमरीका, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और फ़्रांस के कूटनयिक मिशनों में की गई है.

इफ़्तिखार चौधरी ने शिकायत की है कि यूरोप दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने उन्हें भ्रष्ट्र कहा है जो

इफ़्तिख़ार चौधरी ने एक बयान में कहा, "जनरल ने जो कुछ कहा है उसके पाकिस्तान और विश्व के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं. कई पश्चिमी देश पाकिस्तान में लोकतांत्रिक प्रक्रिया शुरू होने की बात कर रहे हैं, अगर ये निष्पक्ष है तो हम इसका स्वागत करते हैं. लेकिन अगर स्वतंत्र न्यायपालिका नहीं होगी तो लोकतंत्र कैसे हो सकता है."

पूर्व मुख्य न्यायाधीश का कहना है कि उनकी पत्नी और तीनों बच्चों को इस्लामाबाद में अपने घर के लॉन में भी नहीं जाने दिया जा रहा क्योंकि वहाँ पुलिस मौजूद है.

ये बात इस्लामाबाद में हुई एक पत्रकार वार्ता में इफ़्तिखार चौधरी को समर्थन देने वाले वकीलों ने सात पन्नों के एक बयान में सार्वजनिक की.

इफ़्तिखार चौधरी ने सवाल किया कि क्या इतिहास में पहले कभी ऐसा हुआ है कि 60 जजों को एक व्यक्ति की इच्छानुसार हटा दिया जाए और पकड़ लिया जाए- जिसमें तीन मुख्य न्यायाधीश शामिल हों.