शनिवार, 26 जनवरी, 2008 को 06:46 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने पिछले दिनों कट्टरपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि मानवाधिकार के नाम पर अराजकता को सहन नहीं किया जाएगा.
लंदन स्थित रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज़ इंस्टीट्यूट में मुशर्रफ़ ने कहा कि वह स्पष्ट रूप से कहना चाहेंगे कि पाकिस्तान में अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है.
अपने आलोचकों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अब पश्चिमी शैली के मानवाधिकार नहीं चल सकते.
उन्होंने कहा, "मानवाधिकारों के नाम पर हम किसी को भी पाकिस्तान को अस्थिर करने और अराजकता के माहौल में धकेलने की इजाज़त नहीं दे सकते."
चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई के प्रति उनके संकल्प पर सवाल खड़े करने वालों की भी उन्होंने जमकर आलोचना की.
मुशर्रफ़ ने कहा, "लोगों को ये समझना चाहिए कि हम यह किसी और के लिए नहीं बल्कि अपने लिए और पाकिस्तान के लिए कर रहे हैं."
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अगले महीने के मध्य में होने वाले आम चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे.
उन्होंने आम चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वालों को चुनौती दी कि वे बताएँ कि चुनाव में खामियां कहां थीं?