शनिवार, 26 जनवरी, 2008 को 19:07 GMT तक के समाचार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक अहम बैठक रविवार से शुरू हो गई है.
इस बैठक में अगले चुनाव की रणनीति तय किए जाने की संभावना है.
तीन दिनों की इस बैठक में पहले दिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी और फिर इसके बाद दो दिन राष्ट्रीय कार्यपरिषद की बैठक होगी.
राष्ट्रीय परिषद में पार्टी के संविधान में परिवर्तन का प्रस्ताव रखा जाना है जिससे कि संगठन में 33 फ़ीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जा सकें.
इसके अलावा पार्टी की शीर्ष समिति लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रुप में पेश करने के फ़ैसले का अनुमोदन करेगी.
भाजपा के इतिहास में शायद पहली बार होगा जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ऐसी महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा नहीं ले पाएँगे.
पार्टी के लोगों का कहना है कि उनका अस्वस्थ होने के कारण वे बैठक में नहीं होंगे.
रणनीति
तीन दिनों की यह बैठक दिल्ली के रामलीला मैदान में होने जा रही है. जिसमें देश भर से चार हज़ार से अधिक कार्यकर्ता शामिल होने जा रहे हैं. इसमें 40 विशेष आमंत्रित भी होंगे.
पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात और फिर हिमाचल प्रदेश में पार्टी की जीत से उत्साहित भाजपा अगले आम चुनाव की तैयारियाँ करती दिख रही है.
हालांकि इससे पहले पार्टी को तीन भाजपा शासित राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ और दस साल से कांग्रेस शासित दिल्ली में चुनाव लड़ना है.
इसके अलावा पार्टी के नेता कर्नाटक में भी चुनाव की तैयारियों का जायज़ा लेना चाहते हैं.
संभावना है कि इस बैठक में पार्टी देश भर से आए कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं के साथ अगले आम चुनाव की रणनीति पर विचार करें.
जैसा कि पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने बताया, लगता है कि पिछली बार 'इंडिया शाइनिंग' के नारे के साथ मैदान में उतरी भाजपा इस बार ज़मीनी मुद्दों के साथ चुनाव लड़ना चाहती है.
उन्होंने कहा, "भाजपा कई मुद्दे लेकर जनता के पास जाना चाहती है जिसमें किसानों की समस्याएँ हैं, आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा का मुद्दा है और तुष्टिकरण के नाम पर देश में विभाजन की स्थिति बना दी गई है."
राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा, "इसके अलावा महंगाई ऐसा अकेला मुद्दा है जिस पर यूपीए सरकार को जवाब देना मुश्किल पड़ सकता है."
समाचार एजेंसी यूएनआई के अनुसार इसी बैठक में लालकृष्ण आडवाणी की देशव्यापी यात्रा की योजना को भी अंतिम रुप दिया जाएगा.