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शुक्रवार, 25 जनवरी, 2008 को 07:23 GMT तक के समाचार

बीनू जोशी
बीबीसी संवाददाता, जम्मू

किश्तवाड़ में कथित चरमपंथी मारा गया

भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में पुलिस का कहना है कि किश्तवाड़ के दूरदराज़ के पहाड़ी इलाक़े में गुरुवार रात को हुई एक मुठभेड़ में एक कथित इस्लामी चरमपंथी मारा गया है.

डोडा-किश्तवाड़ क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक फ़ारूक़ ख़ान ने बीबीसी को बताया, "मारे गए चरमपंथी की पहचान हो गई है. वे बशीर अहमद उर्फ़ सभा हैं जो पाकिस्तान का समर्थन करने वाले चरमपंथी गुट हरकतुल जिहादे इस्लामी के सुप्रीम कमांडर थे.

फ़ारूक़ ख़ान ने आरोप लगाया, "बशीर अहमद का कई हत्याओं और चरमपंथ संबंधित गतिविधियों में हाथ था. उनका उत्तर प्रदेश में पिछले साल नवंबर माह में तीन शहरों के न्यायालय परिसरों में हुए धमाकों में सीधा हाथ था."

पुलिस के अनुसार बशीर अहमद की जम्मू-कश्मीर राज्य और उत्तर प्रदेश की पुलिस को तलाश थी.

फ़ारूक़ ख़ान के अनुसार पुलिस को बशीर अहमद की दूलगाम में मौजूदगी के बारे में जानकारी मिली थी. ये इलाक़ा जम्मू से लगभग 230 किलोमीटर दूर पहाड़ो में स्थित है.

उन्होंने बताया कि पुलिस और सेना ने पूरे इलाक़े की घेराबंदी कर ली थी. पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे सुरक्षा बल बशीर अहमद के छिपने की जगह के क़रीब आने लगे, उन्होंने भागने की कोशिश की लेकिन गोली लगने के कारण वे मारे गए.

1992 में लहर में शामिल हुए

पुलिस उप महानिरीक्षक फ़ारूक़ ख़ान का दावा था कि बशीर अहमद किश्तवाड़ के रहने वाले थे और उन्होंने वर्ष 1992 में चरमपंथी लहर से जुड़े थे और उन्हें पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर और अफ़ग़ानिस्तान में प्रशिक्षण मिला था.

महत्वपूर्ण है कि भारत समय-समय पर पाकिस्तान पर कश्मीरी अलगाववादियों के प्रशिक्षण देने का आरोप लगाता आया है लेकिन पाकिस्तान इन आरोपों को ख़ारिज कर कहता रहा है कि वह कश्मीरियों को केवल नैतिक समर्थन देता है.

पुलिस का आरोप है कि बशीर अहमद हथियार चलाने, बारूदी सुरंगे लगाने और संचार व्यवस्था कायम करने के विशेषज्ञ थे.

ग़ौरतलब है कि वर्ष 2001 में बशीर अहमद को पकड़ लिया गया था लेकिन न्यायालय के आदेश पर उन्हें वर्ष 2002 में रिहा किया गया था.