सोमवार, 21 जनवरी, 2008 को 10:13 GMT तक के समाचार
संदीप साहू
भुवनेश्वर से
उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में सोमवार सुबह एक बस में आग लग जाने से उसमें बैठे कम से कम पाँच तीर्थयात्रियों की जल कर मौत हो गई और 30 बुरी तरह झुलस गए.
झुलसे हुए ज़्यादातर लोगों को राजधानी के अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है.
गंभीर रूप से 50 से 95 फ़ीसदी झुलसे हुए लोगों को भुवनेश्वर से 30 किलोमीटर दूर कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है.
यह हादसा सुबह आठ बजकर चालीस मिनट के आस-पास हुआ. बस उस समय तीर्थयात्रियों को लेकर 60 किलोमीटर दूर स्थित तीर्थनगरी पुरी से वापस आ रही थी.
बस में पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के ज़िले राजगढ़ के 12 बच्चों समेत क़रीब 70 लोग यात्रा कर रहे थे.
आग लगने के कारण का अभी तक पता नहीं लग सका है.
अचानक उठीं लपटें
कुछ रिपोर्ट संकेत देती हैं कि बस में रखे किसी ज्वलनशील पदार्थ की वजह से आग लगी जबकि कुछ कहती हैं कि ईंधन के टैंक से हुए रिसाव की वजह से आग लगी.
राजधानी अस्पताल में भर्ती एक व्यक्ति ने बीबीसी को बताया कि उसने बस के आगे के हिस्से से अचानक लपटें उठती देखीं.
उसके अनुसार, "मैंने बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन बस में बहुत भीड़ थी और लोगों के सतर्क होने से पहले ही आग ने बस को अपनी चपेट में ले लिया".
भुवनेश्वर पुलिस आयुक्त बिनय कुमार बेहरा ने कहा, "पुलिस आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है".
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक अस्पताल में घायलों को देखने पहुँचे और हादसे में झुलसे लोगों का अच्छे से अच्छा इलाज करने का आदेश दिया.
हेल्पलाइन
मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों के इलाज का सारा ख़र्च राज्य सरकार वहन करेगी.
परिवहन मंत्री जयनारायण मिश्रा का कहना था, "सरकार हल्की चोट वाले यात्रियों को छत्तीसगढ़ स्थित उनके गाँव पहुँचाने के लिए बस की व्यवस्था कर रही है".
एक अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री हादसे में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था और घायलों को उचित उपचार सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही भुवनेश्वर पहुँचने वाले है.
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने हादसे के शिकार हुए लोगों के रिश्तेदारों को उनके बारे में सूचना देने के लिए एक ‘हेल्पलाइन’ शुरू की है जिनके नंबर हैं- 0674-2540555, 2540444, 2391983 और 09437308717.