रविवार, 20 जनवरी, 2008 को 15:06 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने अगले तीन सालों में भारत के विकास में मदद करने के लिए ज़्यादा धनराशि देने की बात कही है.
गॉर्डन ब्राउन भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं.
विकास राशि बढ़ाने की घोषणा गॉर्डन ब्राउन ने अपनी यात्रा के पहले दिन की. माना जा रहा है कि इस दौरान व्यापार और निवेश बढ़ाने पर ज़्यादा ज़ोर रहेगा.
पिछले कुछ सालों में भारत ब्रिटेन में दूसरा सबसे बड़ा निवेशक बन कर उभरा है जबकि ब्रिटेन भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है.
ब्रिटेन जो नई धनराशि भारत को देगा वो मुख्यत बिहार में लगाए जाने की उम्मीद है.
दिल्ली पहुँचने से पहले बीबीसी से बात करते हुए गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि ब्रिटेन चाहता है कि चरमपंथ के मुद्दे पर भारत उससे सहयोग करे- ख़ासकर चरमपंथियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे वित्तीय नेटवर्क को ढूँढने में
भारत से पहले ब्रितानी प्रधानमंत्री चीन की यात्रा पर थे. पिछले वर्ष जून में प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद यह गॉर्डन ब्राउन की पहली भारत यात्रा है.
चूंकि चीन और भारत दुनिया के दो बड़ी आर्थिक ताक़तों के रुप में उभरे हैं इसलिए गॉर्डन ब्राउन की इस यात्रा को अहम माना जा रहा है.
मुलाक़ातें
गॉर्डन ब्राउन अपनी भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवानी से मिलेंगे.
माना जा रहा है कि अपनी चीन-भारत यात्रा का उपयोग ब्राउन पर्यावरण को लेकर दबाव बनाने के लिए भी कर सकते हैं.
भारत और चीन दोनों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव है कि वे 2012 में ख़त्म हो रहे क्योटो प्रोटोकॉल का विकल्प तलाशने में साझेदार बनें और कार्बन उत्सर्जन को लेकर सीमा तय करें.
हालांकि भारत कहता रहा है कि वह कई विकसित देशों की तुलना में कार्बन गैसों का उत्सर्जन बहुत कम करता है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने संकेत दिए हैं कि गॉर्डन ब्राउन इस मसले पर भारत पर बहुत ज़्यादा दबाव नहीं डालने जा रहे हैं.