रविवार, 20 जनवरी, 2008 को 03:25 GMT तक के समाचार
एशिया दौरे पर निकले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन दो दिवसीय भारत यात्रा पर रविवार को पहुँच रहे हैं.
वे चीन का दौरा पूरा करने के बाद भारत पहुँच रहे हैं.
संभावना है कि इस दौरे के दौरान गॉर्डन ब्राउन भारतीय नेताओं से व्यापार और निवेश के अलावा शिक्षा, चरमपंथ से लड़ाई और पर्यावरण के मुद्दे पर बातचीत होने की संभावना है.
गत वर्ष जून में प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद यह गॉर्डन ब्राउन की पहली भारत यात्रा है.
उल्लेखनीय है कि व्यापार में भारत ब्रिटेन का चौथा सबसे बड़ा साझीदार है जबकि ब्रिटेन भारत के सबसे बड़े निवेशकों में से एक है.
उधर पिछले बरसों में भारत ब्रिटेन के दूसरे बड़े निवेशक के रुप में उभरा है.
चूंकि चीन और भारत दुनिया के दो बड़ी आर्थिक ताक़तों के रुप में उभरे हैं इसलिए गॉर्डन ब्राउन की इस यात्रा को अहम माना जा रहा है.
मुलाक़ातें
वैसे देखें तो गॉर्डन ब्राउन भारत में कुल डेढ़ दिन ही रहेंगे.
इस दौरान वे राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवानी से मिलेंगे.
इसके अलावा वे खेल और शिक्षा पर भारत और ब्रिटेन के नए साझा कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे.
माना जा रहा है कि अपनी चीन-भारत यात्रा का उपयोग ब्राउन पर्यावरण को लेकर दबाव बनाने के लिए भी करेंगे.
भारत और चीन दोनों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव है कि वे 2012 में ख़त्म हो रहे क्योटो प्रोटोकॉल का विकल्प तलाशने में साझेदार बनें और कार्बन उत्सर्जन को लेकर सीमा तय करें.
हालांकि भारत कहता रहा है कि वह कई विकसित देशों की तुलना में कार्बन गैसों का उत्सर्जन बहुत कम करता है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने संकेत दिए हैं कि गॉर्डन ब्राउन इस मसले पर भारत पर बहुत ज़्यादा दबाव नहीं डालने जा रहे हैं.
इसके अलावा गॉर्डन ब्राउन भारत के उद्योगपतियों और व्यावसायियों के एक सम्मेलन में भी शिरकत करेंगे.