शुक्रवार, 18 जनवरी, 2008 को 09:47 GMT तक के समाचार
कोलकाता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के सिंगूर में ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया है जिससे टाटा मोटर्स को राहत मिली है.
हाईकोर्ट ने सभी 11 याचिकाओं का ख़ारिज करते हुए कहा है कि टाटा मोटर्स ने जो भूमि अधिग्रहण किया है वह वैध है.
सिंगूर में टाटा कंपनी संयंत्र स्थापित कर रही है जहाँ उसकी छोटी कार नैनो का निर्माण किया जाएगा.
नैनो वही कार है जिसे हाल ही में ग्राहकों के सामने पेश किया गया और जिसकी क़ीमत एक लाख रुपए बताई गई है.
सिंगूर में टाटा मोटर्स ने जब इस संयंत्र पर काम शुरू किया तो उसकी ये परियोजना उस समय विवादों में पड़ गई जब कुछ किसानों ने यह कहते हुए विरोध करना शुरू किया कि सरकार ने उनकी ज़मीन उनकी इच्छा के ख़िलाफ़ ले ली है.
लेकिन राज्य सरकार का कहना है कि उसने ज़्यादातर प्रभावित किसानों को मुआवज़ा दे दिया गया है.
इस परियोजना का विरोध करने वालों ने पहले यहाँ विरोध प्रदर्शन भी किया था और वहाँ कुछ हिंसक वारदातें भी हुई थीं.
याचिका
इस मामले में याचिका जॉयदीप मुखर्जी ने फ़रवरी 2007 में दायर की थी. उन्होंने हुगली ज़िले के सिंगूर में टाटा मोटर्स द्वारा 997.11 एकड़ ज़मीन के अधिग्रहण पर आपत्ति की थी.
बाद में दस और लोगों ने ऐसी ही आपत्ति लगाते हुए कहा था कि ज़मीन का अधिग्रहण भूमि अधिग्रहण क़ानून 1894 और भूमि अधिग्रहण (कंपनी) अधिनियम 1963 का उल्लंघन है.
लेकिन राज्य की वामपंथी सरकार ने अदालत से कहा था कि उन्होंने क़ानून के मुताबिक़ ही ज़मीन का अधिग्रहण किया है.
कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसएस निज्जर और न्यायमूर्ति पीसी घोष के एक दो सदस्यीय पीठ ने अपने फ़ैसले में कहा कि 'भूमि अधिग्रहण के लिए सरकार ने सत्ता का कोई दुरुपयोग नहीं किया.'
सरकार का कहना था कि यह ज़मीन टाटा मोटर्स और उसके सहायक उद्योगों के लिए अधिग्रहित की गई है.