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शुक्रवार, 18 जनवरी, 2008 को 02:40 GMT तक के समाचार

गूजरों को आरक्षण का एक और प्रस्ताव

अनुसूचित जनजाति श्रेणी में आरक्षण की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे गूजरों को अब राजस्थान सरकार ने घूमंतू श्रेणी में रखकर अतिरिक्त आरक्षण देने की सिफ़ारिश की है.

इसके लिए राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक पत्र लिखा है.

इस पत्र में उन्होंने गूजरों को घूमंतू श्रेणी में अतिरिक्त आरक्षण देने की माँग के अलावा आर्थिक रुप से पिछड़े राजपूत, ब्राह्मणों और वैश्यों को भी आरक्षण देने की सिफ़ारिश की है.

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में गूजरों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में रखा गया है लेकिन वे अनुसूचित जनजाति के तहत मिलने वाली आरक्षण सुविधा की मांग कर रहे हैं.

उनकी इस माँग के बाद राज्य सरकार ने एक रिपोर्ट तैयार करवाई थी जिसमें गूजरों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की माँग को स्वीकार नहीं किया था.

इसके बाद गूजरों ने राज्य सरकार को 21 जनवरी तक का समय दिया है इसके बाद उन्होंने उग्र आंदोलन की धमकी दी है.

पत्र और चेतावनी

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गूजर सहित कुछ जातियों को घूमंतू श्रेणी में चार से छह प्रतिशत आरक्षण देने की सिफ़ारिश अपने पत्र में की है.

इसके अलावा उन्होंने राजपूत, ब्राह्मण और वैश्य समुदाय के ग़रीबों को 10 से 20 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण देने की सिफ़ारिश की है.

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और गूजर स्पेशल पैकेज कमेटी के अध्यक्ष रामदास अग्रवाल ने आरक्षण के संबंध में हुई पार्टी की एक बैठक के बाद कहा, "अब गेंद केंद्र के पाले में है, राज्य सरकार जो कुछ कर सकती थी, उसने कर दिया है."

उन्होंने कहा, "हमने पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे लोगों तक ये संदेश पहुँचा दें कि वे केंद्र सरकार से संपर्क करें."

लेकिन गूजर नेता राज्य सरकार के इस फ़ैसले से प्रभावित नहीं दिखते.

गुरुवार को दिनभर बात करने के बाद गूजर नेताओं ने कहा है कि 21 जनवरी तक यदि गूजरों को आरक्षण नहीं मिला तो जयपुर में महासंग्राम होना तय है.

बीबीसी के जयपुर संवाददाता नारायण बारेठ का कहना है कि महापड़ाव की तैयारी कर रहे कुछ गूजर नेताओं को राज्य पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.