गुरुवार, 17 जनवरी, 2008 को 10:14 GMT तक के समाचार
श्रीलंकाई सेना ने दावा किया है कि उसके लड़ाकू विमानो ने किलिनोच्ची शहर में तमिल विद्रोहियों के एक शिविर को ध्वस्त कर दिया है.
इस शिविर में विद्रोही नेता रणनीति पर विचार-विमर्श के लिए एकत्र हुए थे.
हालांकि तमिल विद्रोहियों या एलटीटीई का समर्थन करने वाली एक वेबसाइट का दावा है कि लड़ाकू विमान से हुए हमले में सात नागरिकों की मौत हुई है और कई घरो को नुक़सान पहुँचा है.
परस्पर विरोधी इन बयानो की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है.
इस बीच मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि सरकार और विद्रोहियों के बीच युद्धविराम समाप्त होने से उसकी चिंताए बढ़ गईं हैं.
'पूर्णतया नष्ट'
न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी ने श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय का हवाला देते हुए कहा है कि श्रीलंकाई सेना के लड़ाकू विमानो ने किलिनोच्ची के एक शिविर में बैठक कर रहे तमिल विद्रोहियों को निशाना बनाया.
इसके अनुसार लड़ाकू विमानो ने शिविर को पूरी तरह नष्ट कर दिया.
लेकिन तमीनेट वेबसाइट का दावा है कि लड़ाकू विमानो के हमले रिहायशी इलाक़ो में हुए जहाँ मैकेनिक वर्कशॉप थी और इस हमले का जवाब तमिल विद्रोहियों ने विमानभेदी गोलाबारी से दिया.
श्रीलंका सेना की और से ये हमला विद्रोहियों के साथ युद्वविराम समाप्त होने के एक दिन बाद किया गया है. दोनो पक्ष युद्धविराम के लिए 2002 में सहमत हुए थे.
लेकिन नार्वे की मध्यस्थता से हुआ ये युद्धविराम पिछले दो सालो में महज़ कागज़ो तक ही सीमित रह गया था.
क्योंकि युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप दोनो पक्ष एक दूसरे पर लगाते रहते थे.
वहीं ब्रिटेन की संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आशंका जताई है कि युद्धविराम समाप्त होने के बाद संघर्ष और बढ़ सकता है.