गुरुवार, 17 जनवरी, 2008 को 14:33 GMT तक के समाचार
पाकिस्तानी सैनिक दक्षिणी वज़ीरिस्तान में चरमपंथियों के हमले के डर से एक और क़िले को छोड़कर भाग गए हैं.
एक दिन पहले ही गुरूवार को दक्षिणी वज़ीरिस्तान के सरारोग्हा इलाक़े में एक अन्य क़िले में तालेबान समर्थक चरमपंथियों ने क़ब्ज़ा कर लिया था जिसे बाद में वे छोड़कर चले गए थे.
दक्षिणी वज़ीरिस्तान में पाकिस्तानी आधिकारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सिपला तोई सैन्य चोकी पर तैनात सैनिक चरमपंथियों के हमले के डर से अपना मोर्चा छोड़कर भाग गए हैं.
लेकिन एक सैन्य प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा है कि सेना को इस तरह की कोई ख़बरें नहीं मिली हैं.
स्थानीय लोगों ने बीबीसी को बताया कि सिपला तोई चौकी पर लगभग चालीस सैनिक तैनात थे और यह चौकी भी उतनी ही बड़ी है जितनी कि सरारोग्हा वाली चौकी है.
सिपला तोई दक्षिणी वज़ीरिस्तान के शहर डेरा इस्माईल ख़ान शहर से लगभग 90 किलोमीटर दूर है.
स्थानीय लोगों ने कहा, "हमें ऐसी ख़बरें मिली हैं कि कुछ सैनिक तो पिछली रात को चौकी छोड़कर चले गए थे और कुछ गुरूवार सुबह चले गए. तालेबान चरमपंथियों का कोई हमला तो अभी नहीं हुआ है."
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि सैनिकों ने कोई हथियार या गोला-बारूद चौकी पर नहीं छोड़ा है.
तालेबान के एक प्रवक्ता मौलवी उमर ने बीबीसी को बताया कि उनके चरमपंथियों ने सिपला तोई क़िले को अपने क़ब्ज़े में ले लिया लेकिन इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी.
समझा जाता है कि दक्षिणी वज़ीरिस्तान में तालेबान और अल क़ायदा के चरमपंथियों का मज़बूत गढ़ बना हुआ है. हाल के महीनों में इस क्षेत्र में पाकिस्तानी सैनिकों और चरमपंथियों के बीच लड़ाई होती रही है.
संवाददाताओं का कहना है कि चरमपंथियों ने अफ़ग़ानिस्तानी सीमा से मिलने वाले इलाक़ों में अब सेना को खुली चुनौती देना शुरू कर दिया है.
चरमपंथियों की इन गतिविधियों से सरकार के इन दावों की साख कम हो रही है कि स्थिति सामान्य है और फ़रवरी में होने वाले आम चुनाव सही तरह से हो जाएंगे.