रविवार, 13 जनवरी, 2008 को 13:04 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके दो रिश्तेदारों पर अदालत ने जबरन वसूली करने का आरोप लगाया है.
शेख हसीना ने इससे इनकार किया है.
अदालत से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि मुकदमा इस महीने शुरू हो जाएगा.
शेख हसीना पर आरोप लगाया है कि जब वे 1996-2001 के बीच प्रधानमंत्री थी तो उन्होंने एक व्यापारी से करीब 44 करोड़ डॉलर की जबरन वसूली की थी.
ये भी कहा गया है कि शेख हसीना ने व्यापारी को धमकी दी थी कि पैसा न देने पर उनका पावर प्रोजेक्ट रद्द कर दिया जाएगा.
आरोप
शेख हसीना की बहन शेख रेहाना और उनके रिश्तेदार शेख सलीम सलीम के ख़िलाफ़ भी आरोप लगाए गए हैं.
शेख हसीना ने हाल ही में कहा था कि बांग्लादेश में सैन्य समर्थित सरकार उन्हें मामले में फँसाना चाहती है ताकि उन्हें संसदीय चुनाव में खड़ा होने से रोका जा सके. उन्होंने देश में छह महीने के अंदर चुनाव करवाने की भी माँग की थी.
आवामी लीग की नेता शेख हसीना पर हत्या जैसे कई अन्य मामले चल रहे हैं. उन्हें जुलाई में पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था.
पिछले साल अप्रैल में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शेख़ हसीना के स्वदेश लौटने पर रोक लगा दी थी. इस कारण वे दो सप्ताह तक लंदन में रुकी रहीं थीं.
लेकिन बाद में अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकते हुए अंतरिम सरकार ने उन्हें स्वदेश लौटने दिया.