शुक्रवार, 11 जनवरी, 2008 को 10:59 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने चेतावनी दी है कि अगर अमरीकी सेना पाकिस्तान की सीमा में बिना अनुमति के प्रवेश करती है तो उसे आक्रमण माना जाएगा.
सिंगापुर के अख़बार ‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमरीकी या फिर गठबंधन सेना का बिना किसी ख़ास कारण के पाकिस्तान की सीमा में स्वागत नहीं है.
अमरीकी सेना पाकिस्तान-अफ़गानिस्तान सीमा पर तालेबान और अल क़ायदा चरमपंथियो की तलाश में अभियान चला रही है.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा, “ मैं किसी को भी अपनी सीमा में घुसने की चुनौती देता हूँ. जो भी ऐसा करेगा वो अपनी ग़लती पर पछताएगा. ”
पाकिस्तान पर अमरीकी दबाव बढ़ रहा है कि वो अफ़गानिस्तान से लगने वाली सीमा पर चरमपंथियो के ख़िलाफ़ अपनी कार्रवाई तेज़ करे.
पिछले दिनो अमरीका के न्यूयार्क टाइम्स अख़बार की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान में चरमपंथियो के ख़िलाफ़ गुप्त अभियान चलाने के लिए अमरीकी सरकार ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के अधिकार बढ़ाने पर विचार कर रही है.
हालांकि पाकिस्तान ने इस रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा था कि वो ऐसी किसी भी कार्रवाई का विरोध करेगी.
मुशर्रफ़ की मुश्किलें
हाल के दिनो में पाकिस्तान में आत्मघाती हमलो की संख्या बढ़ी है जिससे राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की लोकप्रियता में कमी आई है.
पिछले महीने रावलपिंडी में एक चुनावी जनसभा के दौरान हुए हमले में पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या कर दी गई थी. उसके बाद 8 जनवरी को होने वाले चुनाव फ़रवरी महीने तक स्थगित कर दिए थे.
अख़बार को दिए इंटरव्यू में मुशर्रफ़ ने कहा कि अगर चुनाव के बाद बनने वाली सरकार उनके ख़िलाफ़ अभियोग चलाने का फ़ैसला करती है तो वो राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दे देंगें.
साथ ही राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने अमरीका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की दौड़ में शामिल हिलेरी क्लिंटन के उस बयान की भी आलोचना की है जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान में परमाणु ठिकाने सुरक्षित नहीं है.
परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए हिलेरी क्लिंटन ने पाकिस्तान में अमरीकी और ब्रिटिश सुरक्षा बलो को तैनात किए जाने का प्रस्ताव दिया था.