बुधवार, 09 जनवरी, 2008 को 16:08 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
उत्तर प्रदेश में विपक्षी समाजवादी पार्टी के समर्थक राज्य में छात्र स्टूडेंट्स यूनियन की बहाली को लेकर अचानक सडकों पर उतर आए हैं और बुधवार को पुलिस फायरिंग में कम से कम एक छात्र की मृत्यु हो गई.
मुख्यमंत्री मायावती ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में पुष्टि की है कि इटावा ज़िले के सैफ़ई गाँव मे पुलिस फायरिंग मे मुकेश यादव नामक एक छात्र की मौत हो गई लेकिन उनका कहना था कि समाजवादी पार्टी "गुंडे-बदमाश" इकट्ठा करके अशांति फैला रही थी और उन लोगों ने पुलिस पर पथराव किया जिससे पुलिस को आवश्यक बल प्रयोग करना पडा.
दूसरी तरफ़ समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने आरोप लगाया कि छात्र शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे और मुख्यमंत्री मायावती के आदेश पर पुलिस ने जानबूझ कर और बेवजह गोली चलाई.
मुलायम सिंह यादव ने फायरिंग के लिए ज़िम्मेदार पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग की है.
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अनेक ज़िलों मे छात्र संघों की बहाली के पक्ष में और पुलिस के ख़िलाफ़ धरना प्रदर्शन किया, कहीं ट्रेन रोकी तो कहीं बस या जीप जला दी.
राजधानी लखनऊ मे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता विधान सभा के सामने प्रदर्शन करना चाहते थे लेकिन पुलिस ने गवर्नर हाउस से पहले ही रोककर पानी की बौछार मारी और आंसू गैस के गोले छोड़े जिसके विरोध मे समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह करके गिरफ्तारियाँ दीं.
समाजवादी पार्टी के युवा नेता अखिलेश यादव ने कहा कि अब पूरे प्रदेश मे छात्र संघों की बहाली का आंदोलन शुरू हो गया है. उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता इस आंदोलन मे शामिल होंगें.
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मायावती सरकार के मंत्रियों ने जान बूझकर छात्रों पर पुलिस की लाठियाँ चलावाईं.
झगड़ा कहाँ से
मंगलवार को मायावती सरकार के दो मंत्री लखनऊ के जय नारायण डिग्री कालेज के स्थापना दिवस समारोह मे गए थे.
समाजवादी पार्टी के कुछ समर्थक छात्र वहाँ पहुँच कर काले झंडे दिखाने लगे और छात्र संघों को बहाल कर चुनाव कराने की मांग की.
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि मंत्रियों ने इन छात्रों को गालियाँ दीं और पुलिस को लाठी चलाने के लिए कहा. लाठी चार्ज मे अनेक छात्र घायल हो गए और अनेक छात्र गिरफ़्तार कर लिए गए.
छात्रों को रिहा कराने के लिए समाजवादी पार्टी नेता शिव पाल यादव धरने पर बैठ गए. शिव पाल यादव का आरोप है कि पुलिस वालों ने उनके साथ बदसलूकी की और मारपीट की.
पुलिस ने शिव पाल यादव और कुछ अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर लिया. हालाँकि पुलिस ने देर रात शिव पाल यादव को रिहा कर दिया मगर इससे पूरे प्रदेश में अनेक स्थानों पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भड़क गए और सडकों पर उतर आए.
मुख्यमंत्री मायावती ने चेतावनी दी है कि अगर समाजवादी पार्टी ने शांति भंग करने की कोशिश की तो पुलिस उनके साथ सख़्ती से पेश आएगी, फिर चाहे स्वयं मुलायम सिंह यादव ही क्यों न हों.
समाजवादी पार्टी ने गवर्नर को ज्ञापन देकर मायावती सरकार को बर्ख़ास्त करने और दोषी पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई किए जाने की मांग की है.