सोमवार, 07 जनवरी, 2008 को 23:09 GMT तक के समाचार
पंजाब प्रांत के जलंधर ज़िले के सेंट्रल जेल में सोमवार को क़रीब 1500 क़ैदियों ने जमकर हंगामा किया और जेल परिसर में आगजनी, तोड़फोड़ की.
जानकारी के मुताबिक़ सोमवार को सुबह से ही सारे क़ैदी अपनी कुछ मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर थे लेकिन जेल प्रशासन की ओर से उनकी मांगों के प्रति रवैया उदासीन ही रहा.
यह देखते हुए क़ैदी भड़क उठे और हिंसा पर उतारू हो गए. क़ैदियों ने जेल परिसर में स्थित कुछ बैरकों, जेल अस्पताल, जेल की रसोई और कारखाने में आग लगा दी. इस दौरान एक क़ैदी घायल भी हो गया है.
हालात को नियंत्रित करने के लिए जेल परिसर में आंसू गैस के गोले और हवाई फ़ायरिंग की गई. ज़िले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अर्पित शुक्ला ने ख़ुद जाकर क़ैदियों को आश्वासन दिया की उनकी मांगें मानी जाएंगी, तब जाकर वहाँ स्थिति नियंत्रित हो सकी.
हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बीबीसी को बताया कि अब स्थितियों पर काबू पा लिया गया है. सभी क़ैदी जेल में हैं और जेल अधीक्षक सतपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है.
मामला
जेल प्रशासन के प्रति विरोध कुछ दिन पहले ही तब शुरू हो गया था जब जेल में एक सिख क़ैदी के बाल पकड़कर उसकी पिटाई की गई.
सिखों में केश को काफ़ी सम्मान दिया जाता है पर पिटाई के दौरान सिख क़ैदी के बाल खींचे गए. इस मारपीट में उसके सिर के बाल उखड़ भी गए. इस घटना से क़ैदी काफ़ी नाराज़ थे.
इसके अलावा क़ैदी जेल के इस नियम से नाराज़ थे कि नए क़ैदी के परिवार वाले उससे 15 दिनों तक नहीं मिल सकते. क़ैदियों का कहना है कि जेल प्रशासन का उनके प्रति बर्ताव भी अच्छा नहीं है.
सोमवार को इन्हीं सब मुद्दों पर कार्रवाई की माँग के साथ क़ैदियों ने भूख हड़ताल शुरू की थी.