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रविवार, 06 जनवरी, 2008 को 12:17 GMT तक के समाचार

'एलटीटीई के ख़ुफ़िया प्रमुख की मौत'

श्रीलंका सेना ने दावा किया है कि तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई की सेना के खुफ़िया विभाग के प्रमुख कर्नल चार्ल्स की मौत हो गई है.

जानकारी के मुताबिक उनकी मौत सेना की ओर से बिछाई गई एक बारूदी सुरंग में हुए धमाके की वजह से हुई है.

हालांकि इस बारे में एलटीटीई की ओर से अभी तक सीधे तौर पर कोई स्पष्टीकरण या बयान जारी नहीं किया गया है.

एलटीटीई के प्रमुख नेताओं में से एक कर्नल चार्ल्स का असली नाम शन्मुगनाथन रविशंकर था.

श्रीलंका सेना के प्रवक्ता ने बताया है कि कर्नल चार्ल्स के अलावा 30 अन्य एलटीटीई लड़ाके भी ताज़ा संघर्ष में मारे गए हैं.

इन दिनों उत्तर पूर्वी ज़िले मन्नार में सेना और एलटीटीई विद्रोहियों के बीच संघर्ष चल रहा है और सेना का दावा है कि विद्रोहियों को जानमाल का नुकसान इसी इलाके में हुआ है.

पिछले कुछ महीनों के दौरान श्रीलंका सेना ने एलटीटीई के ख़िलाफ़ अपने संघर्ष को और सुनियोजित किया है और एलटीटीई को अंतर तक नुकसान भी पहुँचाया है.

सेना के श्रीलंका सेना ने दिसंबर में दावा किया था कि एलटीटीई प्रमुख प्रभाकरन सेना के एक हमले में घायल हो गए हैं. इससे पहले नवंबर में किलिनोची में ही वायुसेना के हमलों में एलटीटीई के नंबर दो माने जाने वाले नेता एसपी तमिल सेल्वन मारे गए थे.

संघर्ष में विराम ख़त्म

ग़ौरतलब है कि कर्नल चार्ल्स की मौत की ख़बर ऐसे समय में आई है जब चार दिन पहले ही श्रीलंका सरकार की ओर से संघर्षविराम को औपचारिक रूप से ख़त्म घोषित किया जा चुका है.

श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच युद्घविराम समझौता वर्ष 2002 में हुआ था.

इस समझौते को ख़त्म करते हुए श्रीलंका सरकार ने कहा था कि देश में हिंसा की घटनाओं में बढ़ोत्तरी को देखते हुए नॉर्वे की मध्यस्थता से हुआ यह समझौता अब निरर्थक हो गया है.

पिछले दो वर्षों के दौरान सेना और एलटीटीई समर्थकों के बीच संघर्ष में तेज़ी आई है.

एक अनुमान के मुताबिक पिछले दो वर्षों में दोनों ओर से पाँच हजार लोग मारे गए हैं. जबकि 1983 से दोनों पक्षों के बीच जारी संघर्ष में लगभग 70 हजार लोगों ने अपनी जान गँवाई हैं.