केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने हिंसा से प्रभावित उड़ीसा के कंधामल ज़िले की स्थिति का बुधवार को जायज़ा लिया.
ग़ौरतलब है कि पिछले हफ्ते उड़ीसा के कंधमाल ज़िले में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं और ईसाई संगठनों के बीच झड़पें हुई थीं.
इसके बाद कई गिरजाघरों को निशाना बनाया गया था और उनमें आग लगा दी गई थी.
शिवराज पाटिल हवाई अड्डे से सीधे राजभवन पहुँचे और वहाँ पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कंधामल की स्थिति की समीक्षा की.
कंधमाल ज़िले में हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी.
कंधामल रवाना होने के पहले पाटिल ने विपक्षी नेताओं के साथ भी बैठक की.
बाद में गृह मंत्री पाटिल ने उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी मुलाक़ात की.
सीबीआई जाँच की माँग
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता विजय महापात्र ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि विपक्षी दलों की शिकायत है कि राज्य सरकार ने कंधामल में हिंसा रोकने के लिए आवश्यक क़दम नहीं उठाए.
उनका कहना था कि विपक्षी दल इस मामले की न्यायिक जांच में विश्वास नहीं रखते इसलिए इसकी सीबीआई से जाँच कराई जाए.
इसी बीच राज्य सरकार ने ज़िले के जिलाधिकारी का तबादला कर दिया है.
साथ ही तीन अधिकारियों को भी बर्ख़ास्त कर दिया है जिसमें दो पुलिस अधिकारी शामिल हैं.
कंधमाल के नवनियुक्त जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि वहाँ स्थिति सुधर रही है. लेकिन अब भी लगभग दो हज़ार लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं.