शनिवार, 29 दिसंबर, 2007 को 20:59 GMT तक के समाचार
चरमपंथी संगठन तालेबान के नेता मुल्ला उमर ने हुक्म न मानने के आरोप में अपने शीर्ष सैन्य कमांडरों में से एक मंसूर दादुल्ला को बर्ख़ास्त कर दिया है.
मंसूर दादुल्ला तालेबान के एक वरिष्ठ नेता मुल्ला दादुल्ला के भाई हैं जिनकी इसी वर्ष अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी गठबंधन सेना के हाथों मौत हो गई थी.
हालांकि तालेबान के बयान में यह नहीं स्पष्ट किया गया है कि मंसूर अब्दुल्ला ने किस तरह से आदेश को नहीं माना.
इसमें कहा गया है, ''मंसूर दादुल्ला इस्लामी आमारात के नियमों का पालन नहीं करते थे. इसलिए फ़ैसला किया गया है कि आमारात में उन्हें कोई पद नहीं दिया जाए.''
बयान में यह भी कहा गया है कि मंसूर दादुल्ला के सहयोगी सामान्य तरीक़े से अपना काम पहले की तरह करते रहें.
मंसूर अपने बड़े भाई मुल्ला दादुल्ला के मारे जाने के बाद कमांडर बनाए गए थे. मुल्ला दादुल्ला अफ़ग़ानिस्तान और नैटो की सेना के संयुक्त अभियान में इस साल मई में मारे गए थे.
वर्ष 2001 के बाद से मारे गए तालेबान के लोगों में से मुल्ला अब्दुल्ला सबसे वरिष्ठ थे.
मंसूर दादुल्ला हेलमंद, कंधार और दूसरे दक्षिणी प्रांतों में तालेबान की कार्रवाइयों का नेतृत्व कर रहे थे. इन इलाकों में तालेबान अफ़ग़ानिस्तान और अंतरराष्ट्रीय सेना के ख़िलाफ़ सबसे ज़्यादा हमले करता है.
मंसूर के भाई मुल्ला दादुल्ला को अफ़गानिस्तान में वर्ष 2001 में अमरीकी हमले के बाद चलाए गए तालेबान के सैनिक अभियान का मुख्य सूत्रधार माना जाता था.
मुल्ला दादुल्ला तालेबान नेता मुल्ला उमर के काफ़ी क़रीबी भी माने जाते थे.
मुल्ला दादुल्ला तालेबान के वरिष्ठ सैन्य कमांडर होने के साथ ही 10 सदस्यों वाली रहबरी शूरा यानी नेताओं की परिषद के सदस्य भी थे.