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शनिवार, 29 दिसंबर, 2007 को 14:28 GMT तक के समाचार

बेनज़ीर का शव निकालने की पेशकश

पाकिस्तान की सरकार का कहना है कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो का परिवार और पार्टी चाहेगी तो सरकार उनका शव क़ब्र से निकालने को भी तैयार है ताकि उनका पोस्टमार्टम किया जा सके.

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता जावेद इक़बाल चीमा ने संवाददाता सम्मेलन में एक बार फिर दोहराया कि सरकार ने बेनज़ीर की मौत के जो कारण बताए हैं, वे तथ्यों पर आधारित हैं. लेकिन पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने सरकार के बयान को ठुकरा दिया था.

पार्टी की नेता शेरी रहमान ने इसे ख़तरनाक बकवास कहा है. उन्होंने कहा, "मैं ख़ुद अस्पताल में देखा है कि बेनज़ीर भुट्टो को सिर पर गोली लगी थी."

बेनज़ीर समर्थकों का कहना है कि उनकी नेता की मौत गोली लगने से हुई. लेकिन पाकिस्तान की सरकार का तर्क है कि बेनज़ीर को ना तो गोली लगी और ना ही बम के छर्रे.

शुक्रवार को पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता जावेद इक़बाल चीमा ने एक संवाददाता सम्मेलन बुलाकर कहा था कि प्राथमिक जाँच से यही लगता है कि कार की छत से सिर टकराना से बेनज़ीर भुट्टो की मौत हुई.

उन्होंने बेनज़ीर के सिर का एक्स-रे भी दिखाया और बताया कि एक्स-रे से यही लगता है कि उनके सिर में ना तो गोली लगी और ना ही छर्रे.

लेकिन पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने सरकार के इस तर्क को ठुकरा दिया है. पार्टी ने इसे झूठ का पुलिंदा कहा है. बेनज़ीर समर्थकों का कहना है कि उनकी नेता की मौत गोली लगने से हुई थी.

सख़्ती से निपटने के आदेश

पाकिस्तान सरकार ने बेनज़ीर भुट्टो की मौत की जाँच में किसी तरह के अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बात से भी इनकार कर दिया है.

साथ ही सरकार ने अपने इस दावे को भी दोहराया कि बेनज़ीर भुट्टो की हत्या में चरमपंथी नेता बैतुल्ला मेहसूद का हाथ है. हालाँकि मेहसूद ने बेनज़ीर की हत्या में अपनी भूमिका से इनकार किया है.

लेकिन जावेद इक़बाल चीमा ने कहा, "हमारे पास इसके पुख़्ता सबूत हैं कि बैतुल्ला मेहसूद ही हत्या के पीछे हैं. वे क्यों इसे स्वीकार करेंगे कि वे इसके पीछे हैं. क्योंकि यही उनके अनुकूल है. मैं नहीं मानता कि इन लोगों के अलावा कोई इस तरह का हमला कर सकता है."

इस बीच बेनज़ीर भुट्टो की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में भड़की हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है.

राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने हिंसा करने वाले लोगों से सख़्ती से निपटने के आदेश दिए हैं.

मुशर्रफ़ ने कहा, ''लुटेरों से सख़्ती से निपटा जाना चाहिए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव क़दम उठाए जाएं.''

सरकार का कहना है कि हिंसा में अरबों की संपत्ति का नुक़सान हुआ है. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता जावेद इक़बाल चीमा ने कहा कि हिंसा के दौरान 176 बैंक, 72 ट्रेन और कार के साथ-साथ 18 रेलवे स्टेशनों को आग लगा दी गई.

उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की कि हिंसा का लाभ उठाकर कम से कम 100 क़ैदी जेल से भाग निकले. हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित रहा बेनज़ीर भुट्टो का गृह प्रदेश सिंध. राजधानी कराची में सबसे ज़्यादा हिंसा और लूटमार की घटनाएँ हुई.