शनिवार, 29 दिसंबर, 2007 को 02:50 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के समर्थकों ने अपनी नेता की मौत के कारणों पर दिए गए सरकार के ब्यौरे पर सवाल उठाए हैं.
सरकारी प्रवक्ता ने कहा है कि बम फटने के बाद बेनज़ीर का सर गाड़ी से टकराया था जिससे मौत हुई जबकि समर्थकों का कहना है कि उनकी नेता की मौत गोलियाँ चलने से हुई.
पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के लिए अल क़ायदा और तालेबान ज़िम्मेदार हैं. सरकार के मुताबिक उसके पास बातचीत के रिकॉर्ड हैं जिनसे स्पष्ट होता है कि हमला अल क़ायदा ने करवाए.
दूसरी ओर ब्रिटिश और अमरीकी ख़ुफ़िया अधिकारियों का कहना है कि वो अभी इस पर कुछ भी कहने के लिए तैयार नहीं हैं.
बेनज़ीर की हत्या के बाद उपजे हालात में आठ जनवरी को प्रस्तावित संसदीय चुनाव होंगे या नहीं इस पर राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के एक प्रवक्ता ने कहा है कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी.
बेनज़ीर के शव को उनके पिता ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो की क़ब्र के पास ही दफ़नाया गया है.
'झूठ का पुलिंदा'
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि बेनज़ीर न तो गोलियों का शिकार हुई और ना ही विस्फोट के छर्रे उन्हें लगे थे.
अधिकारियों के मुताबिक बंदूकधारी हमलावर से बचने के क्रम में उनका सिर कार की छत से टकराया था जिससे उनकी मौत हो गई.
इससे पहले पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के प्रवक्ता इक़बाल चीमा ने कहा था कि बेनज़ीर की मौत विस्फोट के छर्रों से हुई.
दूसरी ओर बेनज़ीर के सुरक्षा सलाहकार रहमान मलिक का कहना है कि बेनज़ीर को गले और सीने में गोली लगी थी. वहीं, बेनज़ीर का इलाज करने वाले एक सर्जन ने कहा कि उनकी मौत बम के छर्रों से हुई होगी.
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के वरिष्ठ नेता फ़ारूक़ नाइक ने कहा है कि हत्या के कारणों पर सरकार का स्पष्टीकरण झूठ का पुलिंदा है.
उन्होंने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा, "बेनज़ीर को दो गोलियाँ लगी. एक उनके पेट में और दूसरा सिर पर."
'अल क़ायदा का हाथ'
पाकिस्तानी गृह मंत्रालय का कहना है कि ख़ुफ़िया एजेंसियों के पास टेलीफ़ोन पर हुई बातचीत के रिकॉर्ड हैं जिनसे पता चलता है कि 'अल क़ायदा के नेता' बैतुल्ला महसूद ने बेनज़ीर पर हमले के आदेश दिए थे.
जबकि बैतुल्ला महसूद के प्रवक्ता ने कहा है कि हत्या में कबायली नेता का कोई हाथ नहीं है.
बीबीसी संवाददाता फ़्रैंक गार्डनर के मुताबिक अभी सच्चाई बता पाना मुश्किल है.
बैतुल्ला महसूद अशांत दक्षिणी वज़ीरिस्तान का कबायली नेता है.
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता इक़बाल चीमा ने पत्रकारों के बताया कि बातचीत के रिकॉर्ड में कथित तौर पर बैतुल्ला एक अन्य चरमपंथी से बात कर रहा है और बेनज़ीर की हत्या के बाद उसे बधाई दे रहा है.
उनका कहना था, "इस बात के पक्के सबूत हैं कि अल क़ायदा, इसका नेटवर्क और इससे जुड़े दस्ते पाकिस्तान को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं."