शुक्रवार, 28 दिसंबर, 2007 को 16:44 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की मौत के कारणों के बारे में आ रहे अलग-अलग बयानों से नया मोड़ आ गया है.
पाकिस्तान में गृह मंत्रालय के प्रवक्ता जावेद इक़बाल चीमा ने एक संवाददाता सम्मेलन बुलाकर कहा कि प्राथमिक जाँच से यही लगता है कि बेनज़ीर भुट्टो की मौत सिर पर लगी चोट के कारण हुई.
लेकिन पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने इसे ठुकरा दिया है. पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी फ़ारूक़ नाइक ने इसे झूठ का पुलिंदा कहा है. उन्होंने कहा कि सरकार का ये तर्क आधारहीन है.
चीमा के बयान से पहले बेनज़ीर का इलाज करने वाले एक सर्जन डॉक्टर मुस्सदिक़ ख़ान ने कहा था कि बेनज़ीर की मौत छर्रे लगने के कारण से हो सकती है.
जबकि बेनज़ीर भुट्टो के सुरक्षा सलाहकार रहमान मलिक ने कहा था कि बेनज़ीर को गले और सीने में गोली मारी गई थी.
लेकिन शुक्रवार शाम को एक संवाददाता सम्मेलन में गृह मंत्रालय के प्रवक्ता जावेद इक़बाल चीमा ने कहा कि प्राथमिक जाँच से यही लगता है कि बेनज़ीर की मौत न गोली लगने से हुई और न ही छर्रे के कारण.
चीमा ने बताया कि गोली चलने के बाद बेनज़ीर भुट्टो ने तेज़ी से नीचे झुकने की कोशिश की और इसी क्रम में उनका सिर लोहे के नुकीले हैंडल से टकरा गया.
उन्होंने बेनज़ीर के सिर का एक्स-रे भी पत्रकारों को दिखाया और कहा कि एक्स-रे में कही भी नहीं दिखता कि बेनज़ीर भुट्टो के सिर में गोली लगी थी या छर्रे लगे थे.
जावेद इक़बाल चीमा ने यह भी कहा कि बेनज़ीर भुट्टो की मौत के लिए अल क़ायदा और तालेबान ज़िम्मेदार है. चीमा ने इस मामले में बैतुल्लाह मेहसूद का नाम भी लिया.
चीमा के बयान के बाद पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने इस पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. पार्टी के प्रवक्ता फ़रहतुल्ला बाबर ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि सरकार इस मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा, "बेनज़ीर भुट्टो ने अपने पत्र में जिन तीन लोगों के नाम लिए थे, सरकार को इसे ध्यान में रखते हुए अपनी जाँच करनी चाहिए. इसके बाद ही उन्हें किसी निष्कर्ष पर पहुँचना चाहिए."
अल क़ायदा और तालेबान ज़िम्मेदार
पाकिस्तान की सरकार का ये भी कहना है कि बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के पीछे चरमपंथी संगठन अल क़ायदा और तालेबान का हाथ हैं.
पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री हामिद नवाज़ ने बताया, "हमारे पास इसके सबूत हैं कि बेनज़ीर भुट्टो पर हुए आत्मघाती हमले में अल क़ायदा और तालेबान का हाथ था."
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता जावेद इक़बाल चीमा ने भी जानकारी दी है कि सरकार ने ख़ुफ़िया रूप से चरमपंथी नेता बैतुल्लाह मेहसूद का फ़ोन रिकॉर्ड किया है.
चीमा के मुताबिक़ इस रिकॉर्डिंग में बैतुल्लाह मेहसूद हमले के लिए अपने लोगों को बधाई देते सुने गए हैं. चीमा ने बैतुल्लाह मेहसूद को अल क़ायदा नेता बताया.
बैतुल्लाह मेहसूद को दक्षिणी वज़ीरिस्तान में तालेबान समर्थक नेता माना जाता है. कहा जाता है कि अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से सटे इस इलाक़े में अल क़ायदा भी सक्रिय है.
गुरुवार को रावलपिंडी में एक चुनावी रैली के बाद वहाँ से जाते वक़्त पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो पर हमला हुआ था. उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.