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गुरुवार, 27 दिसंबर, 2007 को 09:24 GMT तक के समाचार

उड़ीसा में कुछ और गिरिजाघरों पर हमले

भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद उड़ीसा के कुछ इलाक़ों में बुधवार को फिर कुछ और गिरजाघरों को निशाना बनाया गया और हिंसक घटनाएँ हुईं.

इनमें लगभग 11 लोग घायल हुए हैं. इन इलाक़ों में तनाव बना हुआ है.

भुवनेश्वर से पत्रकार संदीप साहू का कहना है कि उड़ीसा के कंधमाल में कर्फ़्यू के बावजूद हिंसा हुई है.

सूखानंदी में एक गिरिजाघर के दरवाज़े को आग लगा दी गई, साथ ही कलिंगा में कुछ घरों को निशाना बनाया गया.

प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील इलाक़ों में सीआरपीएफ़ और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात कर दिया गया है.

ज़िले के क‌र्फ़्यूग्रस्त बालीगुडा, धारिंगीबाड़ी, ब्राह्मणीगांव और फुलबनी कस्बों में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है.

इन इलाक़ों में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी और गरिजाघरों, कुछ घरों और ग़ैरसरकारी संगठनों के दफ़्तरों में तोड़फोड़ और आगज़नी की गई थी.

क्रिसमस पर हिंसा

ग़ौरतलब है कि उड़ीसा में क्रिसमस के दिन विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के आहवान पर किए गए बंद के दौरान छह गिरजाघरों को निशाना बनाया गया था और झड़पों में एक युवक की मौत हो गई थी.

पुलिस ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद के कुछ कार्यकर्ता लक्ष्मणानंद सरस्वती पर सोमवार को हुए हमले का विरोध कर रहे थे.

लक्ष्मणानंद राज्य में कथित रूप से धर्म परिवर्तन का विरोध करने वाले नेताओं में प्रमुख हैं.

इस मामले में 13 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

उल्लेखनीय है कि उड़ीसा में जनवरी, 1999 में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेंस और उनके दो बेटों को एक उग्र भीड़ ने ज़िंदा जला दिया था.

स्टेंस उड़ीसा के जनजातीय इलाक़ों में कुष्ठरोगियों के बीच कल्याण कार्यों में लगे थे.