गुरुवार, 27 दिसंबर, 2007 को 11:14 GMT तक के समाचार
मुंबई की बांद्रा कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फ़ैसला सुनाया है जिसमें शराब पीकर गाड़ी चलाने के एक मामले में छह लोगों को 30 दिन की जेल की सज़ा सुनाई है.
अदालत ने नौ लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस एक साल के लिए रद्द करने का भी आदेश दिया हैं.
शराब पीकर गाड़ी चलाने पर इतनी बड़ी सज़ा दिए जाने का संभवतः ये पहला मामला है.
क्रिसमस की रात मुंबई पुलिस ने शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में 207 लोगों को हिरासत में लिया था.
मुंबई ट्रैफिक पुलिस के अनुसार पकड़े गए लोगों में कई बड़ी कंपनियों में ऊंचे पदों पर काम करने वाले अनेक अधिकारी भी हैं.
हालाँकि कोर्ट ने चार लोगों पर पाँच रुपए और दो लोगों पर महज़ एक रुपए का जुर्माना भी लगाया है.
जुर्माना
मुंबई पुलिस ने अदालत में दलील रखी थी कि जुर्माना बढ़ाए जाने की बजाय सज़ा की अवधि बढ़ाने से इस तरह के मामलों में कमी आ सकती है.
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले किसी भी ऐसे शख़्स को हिरासत में लिया जा सकता है जिसके ख़ून में तीस मिलीग्राम से ज़्यादा शराब की मात्रा पाई जाती है.
शराब की मात्रा का परीक्षण पुलिस आमतौर पर ब्रेथ एनालाइज़र के ज़रिए करती है.
पिछले छह महीनों में मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामलों में लगभग ढाई हज़ार लोगों को हिरासत में लिया जबकि दो हज़ार 695 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किए गए.
इसके बावजूद मुंबई में शराब पीकर कार चलाने के मामलों में कमी नहीं आई है. मुंबई ही नहीं, देश के अनेक भागों में शराब पीकर कार चलाना एक सामान्य सी बात है और लोग इसके ख़तरनाक परिणामों को गंभीरता से नहीं लेते हैं.