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'नंदीग्राम में जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं'

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने घोषणा की है कि नंदीग्राम में रासायनिक इकाई के लिए सरकार ज़बरदस्ती ज़मीन का अधिग्रहण नहीं करेगी.

नंदीग्राम में हिंसा के 11 महीने बाद मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र का दौरा किया.

सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने नंदीग्राम में एक रैली आयोजित की जिसे मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने संबोधित किया.

उनका कहना था कि एक विशेष समिति गठित कर दी गई है जो नंदीग्राम के विकास के लिए विशेष पैकेज तैयार करेगी.

बुद्धदेव ने सत्तारूढ़ सीपीएम कॉडर से भी कहा कि वे विपक्षी कार्यकर्ताओं से न उलझें और उनसे शांति पूर्वक बात करें.

दूसरी ओर अधिग्रहण का विरोध कर रही भूमि उच्छेद प्रतिरोध समिति ने मुख्यमंत्री के इस दौरे का विरोध किया.

ग़ौरतलब है कि नंदीग्राम में रासायनिक इकाई के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे ग्रामीणों पर पुलिस फ़ायरिंग में 14 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे.

इसके बाद मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य का नंदीग्राम पर दिया बयान भी विवाद का विषय बन गया था.

उन्होंने कहा था कि ‘जैसा लोगों ने किया, वैसा भरा.’ लेकिन बाद में उन्होंने अपने बयान के लिए खेद व्यक्त कर दिया था.

पत्रकारों से बातचीत करते हुए बुद्धदेब भट्टाचार्य ने कहा था, "मैंने कहा था कि उन्होंने जैसा किया वैसा भरा. लेकिन मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए था क्योंकि अब मैं सभी लोगों के लिए शांति चाहता हूँ."

मुआवज़ा

इसके पहले कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश पर पश्चिम बंगाल सरकार ने पुलिस फ़ायरिंग में मारे गए सभी 14 लोगों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की थी.

साथ ही हाईकोर्ट ने सीबीआई से नंदीग्राम में हुई पुलिस फ़ायरिंग पर अपनी अंतिम जाँच रिपोर्ट 15 फ़रवरी तक पेश करने का आदेश दिया है.

सीबीआई ने इस मामले पर अपनी आरंभिक रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर दी है.

इससे पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने नंदीग्राम में पुलिस फ़ायरिंग की जाँच सीबीआई को सौंपने का विरोध किया था और कहा था राज्य की एजेंसियां ही जाँच करने में सक्षम हैं.

सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने नंदीग्राम हिंसा को 'असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण' क़रार दिया था और सीबीआई को अपनी जाँच जारी रखने का आदेश दिया था.