सोमवार, 24 दिसंबर, 2007 को 02:19 GMT तक के समाचार
गुजरात में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नवनिर्वाचित नेता नरेंद्र मोदी आज एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.
मुख्यमंत्री के तौर पर यह नरेंद्र मोदी का लगातार दूसरा कार्यकाल होगा.
हालांकि वो 2001 से ही मुख्यमंत्री रहे हैं और उनके नेतृत्व में बीजेपी ने 2002 और फिर 2007 में विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता हैं.
2001 में मोदी उस समय मुख्यमंत्री बने थे जब तत्कालीन मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल ने कार्यकाल पूरा किए बिना इस्तीफ़ा दे दिया था.
इससे पहले राज्य के विधानसभा चुनावों में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद सोमवार को पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों ने गांधीनगर में हुई बैठक में नरेंद्र मोदी को नेता चुना.
विधायक दल की बैठक के दौरान नरेंद्र मोदी काफ़ी भावुक नज़र आए और विधायकों को संबोधित करते समय उनकी आँखे नम हो गईं. मोदी ने कहा कि वे अपनी पार्टी से बड़े नहीं हैं.
उनका कहना था, "जो लोग कहते हैं कि मोदी पार्टी से बड़े हैं वो भारतीय जनता पार्टी और जन संघ का इतिहास नहीं जानते. बेटा कभी माँ से बड़ा नहीं हो सकता. ये बोलना की मोदी पार्टी से बड़े हैं ये विकृत मानसिकता है."
मीडिया पर चुटकी लेते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, मेरी छवि इसलिए बड़ी बनकर उभरती है क्योंकि आपका लेंस मुझपर ही आकर रुक जाता है. लेकिन अगर आप अपने फ़ोक्स का दायरा बढ़ाएँगे तो आपको भाजपा को हज़ारों कार्यकर्ता भी नज़र आएँगे.
बोर्ड की सहमति
इससे पहले हुई विधायक दल की बैठक में पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में वेंकैया नायडू और अरुण जेटली मौजूद थे.
वैसे अरुण जेटली ने बैठक से पहले ही कहा था कि यह चुनाव नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़ा गया है इसलिए स्वाभाविक है कि उन्हें नेता चुना जाएगा.
गुजरात विधानसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत हासिल करने के बाद भाजपा संसदीय बोर्ड ने पहले ही मुख्यमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम पर मुहर लगा दी थी.
भाजपा ने 182 सदस्यीय विधानसभा में 117 सीटें जीती हैं जो उसके पिछले प्रदर्शन से सिर्फ़ दस कम है. कांग्रेस के खाते में 62 सीटें गई हैं.
कांग्रेस पार्टी ने हार स्वीकार कर ली है लेकिन ये भी कहा है कि इससे गोधरा कांड के बाद हुए दंगों में मोदी के ऊपर लगे 'काले धब्बे' कम नहीं हुए हैं.
नतीजे आने के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए रविवार को नरेंद्र मोदी ने कहा था, " ये पार्टी को दोबारा सत्ता में लाने के लिए पॉज़िटिव वोट है. अनेक तरह के प्रचार, तरकीबों और शब्द-प्रयोगों के इस्तेमाल के बावजूद गुजरात की जनता ने नकारात्मकता को नकार दिया है."