रविवार, 23 दिसंबर, 2007 को 16:23 GMT तक के समाचार
उत्तर प्रदेश में पुलिस की विशेष टास्क फ़ोर्स ने बाराबंकी में लश्करे-तैबा के दो संदिग्ध चरमपंथियों को मुठभेड़ में मार दिया है. ऐसी आशंका है कि इन चरमपंथियों की योजना मुख्यमंत्री मायावती की हत्या करने की थी.
प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) बृजलाल ने बताया कि इन चरमपंथियों के पास से मायावती के सरकारी निवास का नक्शा, दस हथगोले, दो ए के 47 राइफलें, एक डेटोनेटर, एक आत्मघाती बेल्ट, छह मैगज़ीन और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं.
उन्होंने बताया कि ये दोनो चरमपंथी नेपाल से आ रहे थे और एसटीएफ़ को इनकी गतिविधियों की सूचना इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के ज़रिए हासिल हुई.
एसटीएफ़ का चिन्हट क्षेत्र के निकट चरमपंथियों से सामना हुआ. एसटीएफ़ को देखकर ये दोनों चरमपंथी गोलियां चलाते हुए भागने लगे. इसके बाद हुई मुठभेड़ में ये दोनो चरमपंथी मारे गए.
बृजलाल ने बताया कि मुठभेड़ लखनऊ-बाराबंकी सीमा के नज़दीक रविवार की सुबह उस समय हुई जब ये दोनो चरमपंथी राजधानी में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे.
बड़े राजनेता निशाने पर
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि मारे गए दोनों चरमपंथी फ़िदायीन थे और किसी बड़े राजनेता को निशाना बनाने के लिए राजधानी में दाखिल हो रहे थे.
मारे गए दोनो चरमपंथियों की शिनाख्त के लिए उनकी कार का पंजीकरण नंबर और उनके पास से बरामद अन्य सामान की जाँच की जा रही है.
चरमपंथियों को स्थानीय स्तर पर सहायता मिलने के बारे में पूछने पर पुलिस महानिदेशक का जवाब था कि एसटीएफ को इस बारे में जानकारी है और इस दिशा में कार्रवाई की जा रही है.
इससे पूर्व शनिवार को यूपी पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने बाराबंकी रेलवे स्टेशन से प्रतिबंधित हरकत-उल-जेहादी-इस्लामी (हुजी) के दो चरमपंथियों को गिरफ्तार किया था.