शनिवार, 22 दिसंबर, 2007 को 02:50 GMT तक के समाचार
पाणिनी आनंद
बीबीसी संवाददाता
उत्तरप्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स ने बाराबंकी ज़िले में दो 'संदिग्ध चरमपंथियों' को गिरफ़्तार किया है.
इस बारे में जानकारी देते हुए राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स के प्रमुख और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क़ानून व्यवस्था) ब्रजलाल ने बीबीसी को बताया कि गिरफ़्तार हुए इन संदिग्धों के पास से बड़ी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद किया गया है.
इन संदिग्धों को बाराबंकी रेलवे स्टेशन के पास से शनिवार की सुबह 6.20 बजे गिरफ़्तार किया गया.
राज्य पुलिस ने इन संदिग्धों से पूछताछ के बाद बताया है कि इन 'संदिग्ध चरमपंथियों' का ताल्लुक 22 मई को गोरखपुर में हुए धमाकों और पिछले महीने 23 नवंबर को उत्तरप्रदेश की तीन अदालतों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों से है.
गत माह 23 नवंबर को उत्तरप्रदेश के वाराणसी, फ़ैज़ाबाद और लखनऊ की अदालतों में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे जिसमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई थी.
इनमें से सबसे ज़्यादा लोग वाराणसी में मारे गए थे. वहाँ नौ लोग इन हमलों का शिकार हुए थे. पहली बार अदालतों को निशाना बनाकर किए गए इन सिलसिलेवार धमाकों में 60 से भी ज़्यादा लोग घायल हो गए थे.
'संदिग्ध चरमपंथी'
इस बारे में जानकारी देते हुए राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स के प्रमुख और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क़ानून व्यवस्था) ब्रजलाल ने बीबीसी को बताया कि गिरफ़्तार 'संदिग्ध चरमपंथियों' में से एक का नाम मोहम्मद तारिक़ कासमी है और दूसरा ख़ालिद है जो जौनपुर का रहनेवाला है.
एडीजी ब्रजलाल ने बताया कि दोनों लोगों का ताल्लुक एक चरमपंथी संगठन 'हरक़त उल जेहाद-अल-इस्लामी' (हूजी) से है. तारिक़ कासमी हूजी की राज्य इकाई का प्रमुख है और ख़ालिद कार्यकारी विंग का प्रमुख.
पुलिस अधिकारी के मुताबिक तारिक़ के पास से सवा किलो आरडीएक्स, तीन डेटोनेटर और दो मोबाइल फ़ोन मिले हैं. वहीं ख़ालिद के पास से तीन डेटोनेटर, अमोनियम नाइट्रेट की नौ उच्च क्षमता वाली छड़ें, एक मोबाइल और दो सिमकार्ड मिले हैं.
वहीं पुलिस अधिकारी के मुताबिक इन लोगों का एक साथी सज्जाद कश्मीर में गिरफ़्तार कर लिया गया है और उत्तरप्रदेश पुलिस की एक टुकड़ी उसे वहाँ से लाने के लिए रवाना की जा रही है.