शनिवार, 22 दिसंबर, 2007 को 09:34 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान की पुलिस पेशावर के पास शुक्रवार को हुए आत्मघाती हमले में सुराग खोजने में जुटी है. रिपोर्टों के मुताबिक घटनास्थल के पास स्थित एक गाँव में छापा मारकर पुलिस ने सात छात्रों को गिरफ़्तार किया है.
ये आत्मघाती हमला पाकिस्तान के गृह मंत्री आफ़ताब ख़ान शेरपाओ के घर के परिसर में स्थित मस्जिद में हुआ था जिसमें 50 से ज़्यादा लोग मारे गए और लगभग 70 घायल हुए.
फ़ोरेंसिक विज्ञानिकों ने घटनास्थल पर सुराग एकत्र करने की कोशिश की है.
ये पिछले आठ महीने में शेरपाओ को निशाना बनाकर दूसरा आत्मघाती हमला था. वे राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के क़रीबी माने जाते हैं.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस घटना को चरमपंथियों की विकृत मानसिकता का नमूना बताया और दोषियों को ढूंढ निकालने के आदेश भी दिए हैं हैं.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने इस हमले की निंदा की है.
शेरपाओं का बेटा घायल
जिस समय आत्मघाती हमला हुआ उस समय मस्जिद में बकरीद के मौक़े पर क़रीब एक हज़ार लोग नमाज़ पढ़ने आए थे. धमाके में क़रीब 100 लोग घायल भी हो गए.
गृह मंत्री आफ़ताब शेरपाओ तो बच गए लेकिन उनका एक बेटा धमाके में घायल हो गया है.
पुलिस के अनुसार बम में छह से आठ किलो विस्फोटक सामग्री थी और उसमें कील और बॉल बेरिंग भी रखे गए थे.
घटनास्थल पर मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इक़बाल हुसैन का कहना था कि ये पता नहीं चल पाया है कि हमलावर मस्जिद में किस तरह दाख़िल हुआ क्योंकि घटनास्थल पर 'मेटल डिटेक्टर' और विस्फोटकों के बारे में जानकारी देने वाले उपकरण लगे हुए थे.
बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि ऐसा शक़ किया जा रहा है कि संदिग्ध तालेबान समर्थक लड़ाके ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया.
उनका कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान लड़ाकों के ठिकानों पर सैन्य हमलों के बाद उन्होंने सरकारी के ख़िलाफ़ हमले तेज़ कर दिए हैं.