शनिवार, 22 दिसंबर, 2007 को 10:59 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के दौरे पर आए फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी ने कहा है कि नैटो और सहयोगी देश आतंकवाद के ख़िलाफ़ एक ऐसा युद्ध लड़ रहे हैं जिसे वे किसी भी क़ीमत पर हार नहीं सकते.
फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने अफ़ग़ानिस्तान में सबसे पहले नैटो के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता दल के प्रमुख जनरल डैन मैकनील से मुलाकात की.
फ़्रांस के राष्ट्रपति के तौर पर ये निकोला सार्कोज़ी की पहली अफ़ग़ानिस्तान यात्रा है.
वे अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई और फ़्रांसीसी सैनिकों से भी मुलाकात कर रहे हैं.
सार्कोज़ी के साथ फ़्रांसीसी रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी आया है.
फ़्रांसीसी सैनिक
फ़्रांसीसी राष्ट्रपति महल के एक बयान में कहा गया है कि ये यात्रा अफ़ग़ानिस्तान में स्थायित्व लाने और पुनर्निमाण के काम में फ़्रांस के समर्थन को फिर से दर्शाएगी.
उन्होंने हाल ही में बयान दिया था कि फ़्रांस अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका की मदद करेगा.
सार्कोज़ी ने नवंबर में अमरीकी कांग्रेस से कहा था कि फ़्रांसीसी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में तब तक रहेंगे जब तक ज़रूरत होगी और विफल होना कोई विकल्प ही नहीं है.
ज़्यादातर फ़्रांसीसी सैनिक काबुल के आसपास ऐसे इलाक़ों में तैनात हैं जो आमतौर पर सुरक्षित माने जाते हैं.
लेकिन अमरीका और दूसरे देशों ने फ़्रांस से आग्रह किया है कि वो अपने सैनिकों को दक्षिण और पूर्व के ख़तरनाक इलाकों में भेजे ताकि तालेबान का मुकाबला किया जा सके.
एएफ़पी के मुताबिक बड़ी संख्या में फ्रांसीसी सैनिकों को दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के उरुज़गान प्रांत में तैनात किया जाएगा जहाँ
वे अफ़ग़ान सेना के साथ काम करेंगे.