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शुक्रवार, 21 दिसंबर, 2007 को 19:50 GMT तक के समाचार

पुलिसकर्मियों के मारे जाने की आशंका

छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा के जंगलों में नक्सलवादियों के हमले के बाद लापता सभी 12 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है.

दंतेवाड़ा पुलिस का कहना है कि अभी तक लापता पुलिसकर्मियों का कोई अता-पता नहीं चला है जिससे पता चलता है कि उनके बचने की संभावना कम ही है.

माओवादियों ने गुरुवार को हमला कर पुलिसकर्मियों के हथियार भी लूट लिए.

दूसरी ओर डीजीपी विश्वरंजन ने बताया है कि जवानों की तलाशी में लगा पुलिस दल घटनास्थल के लगभग छह किलोमीटर की दूरी पर है.

उन्होंने वहां बारूदी सुरंगे बिछी होने की आशंका जताई और कहा कि पुलिस दल शनिवार को घटनास्थल पर जाएगा.

उनका कहन है कि जब तक जवानों का पता नहीं चल जाता या उनके शव नहीं मिल जाते वह आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कह सकते.

लापता पुलिसकर्मियों में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के आठ और ज़िला बल के चार जवान हैं.

ये गुरुवार को गोलापल्ली जंगल में पुलिस के 28 जवानों की टुकड़ी पर नक्सलियों के हमले के बाद अपने साथियों से अलग हो गए थे.

28 में से 16 जवान नक्सली हमले के बाद हथियार सहित गोलापल्ली स्थित आधार शिविर लौट आए थे.

ग़ौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के 16 में से आठ ज़िलों में नक्सलवादी विद्रोहियों का असर है.

हाल में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जेल से लगभग तीन सौ क़ैदी फ़रार हो गए थे. इनमें सौ से ज़्यादा नक्सली थे.

माओवादियों ने पिछले 30 वर्षों से भारत के कई राज्यों में हिंसक आंदोलन चला रखा है. उनका कहना है कि वे भूमिहीनों और आदिवासियों के हक़ों के लिए लड़ रहे हैं.