मंगलवार, 18 दिसंबर, 2007 को 20:21 GMT तक के समाचार
तालेबान नेता मुल्ला उमर ने दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के मूसा क़ला शहर पर विदेशी सेनाओं के कब्ज़े की खिल्ली उड़ाई है.
मुल्ला उमर का कहना था कि 'ऐसी छोटी जीत का जश्न मनाना उनकी कमज़ोरी का सबसे बड़ा सबूत है.'
उनका कहना था, "हमारे लोग सर्दियों में हमलावर सेनाओं को चैन से नहीं बैठने देंगे."
मुल्ला उमर का पता नहीं
पिछले सप्ताह ब्रिटेन, अमरीका और अफ़ग़ान सेनाओं ने हेलमंद प्रांत के मूसा क़ला पर कब्ज़ा कर लिया था.
ये अफ़ग़ानिस्तान का अकेला ऐसा स्थान था जिस पर तालेबान का कब्ज़ा था. ग़ौरतलब है कि मुल्ला उमर कहाँ छिपे हुए हैं, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है.
अमरीका पर 11 सितंबर के हमले के बाद जब अमरीका के नेतृत्व वाली सेना ने अफ़ग़ानिस्तान पर हमला किया था तब मुल्ला उमर को 2001 में आख़िरी बार देखा गया था.
मुल्ला उमर का बयान पाकिस्तान स्थित अफ़ग़ान इस्लामिक प्रेस ने जारी किया है.
इसमें कहा गया है - ''विदेशी सेनाएँ एक छोटे से ज़िले के एक हिस्से पर कब्ज़े का जश्न मना रही हैं. ऐसा ही जश्न उन्होंने छह साल पहले अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़े के दौरान मनाया था.''
मुल्ला उमर ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान को आज तक कोई विदेशी ताकत नहीं जीत पाई है.