मंगलवार, 18 दिसंबर, 2007 को 13:03 GMT तक के समाचार
मुंबई की लोकल ट्रेनों में जुलाई, 2006 में हुए बम विस्फोटों के सिलसिले में तेरह लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा शुरू हो गया है.
एक के बाद एक सात धमाकों में कुल 187 यात्रियों की जानें गई थीं और 700 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे.
मुंबई में पुलिस ने कहा था कि उनका मानना है यह हमले पाकिस्तान स्थित चरमपंथी गुट लश्करे तैबा से जुड़े एक गुट ने किए थे.
पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता आ रहा है.
उसका कहना था कि भारत ने इस तरह के कोई सुबूत मुहैया नहीं कराए हैं कि इन हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ हो सकता है.
इस मामले में तेरह मुसलमानों को दोषी ठहराया गया था. वे उन 300 से ज़्यादा लोगों में शामिल हैं जिन्हें शुरू में हिरासत में लिया गया था.
इन तेरह अभियुक्तों पर साज़िश और बमहमलों का आरोप है. वे इन आरोपों से इनकार करते हैं.
इन लोगों ने किसी वकील की सेवाएँ नहीं ली हैं और स्वयं ही अपनी पैरवी कर रहे हैं.
पिछले साल 11 जुलाई को जब लोग दफ़्तरों से घर लौट रहे थे तब सात ट्रेनों में प्रेशर कुकर में रखे विस्फोटक एक के बाद एक, कुछ मिनटों में ही फट गए थे.