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मंगलवार, 18 दिसंबर, 2007 को 09:56 GMT तक के समाचार

फिर आबाद हुआ गॉल स्टेडियम

सूनामी की लहरों में तीन साल पहले तबाह हुए श्रीलंका के गॉल स्टेडियम में पुनर्निर्माण के बाद पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला जा रहा है.

स्टेडियम की बर्बादी के मंज़र को इसी से समझा जा सकता है कि उस वक़्त उसके मैदान पर लहरों के साथ आई एक बस मिली थी.

पुर्तगाली किले के पास बने और दो तरफ से समुद्र से घिरे इस स्टेडियम में इंग्लैंड की क्रिकेट टीम से मेज़बान खिलाड़ी भिड़ रहे हैं.

सरकार के लिए पुनर्निर्माण की अन्य प्राथमिकताएँ भी थी, इसलिए इतने दिनों से इसे ठीक नहीं किया जा सका था.

दो साल पहले घोषणा की गई थी कि बीस लाख अमरीकी डॉलर के ख़र्च से इस स्टेडियम को सँवारा जाएगा.

तीन साल पहले सूनामी ने जब इंडोनेशिया, भारत, श्रीलंका समेत एक दर्ज़न से ज़्यादा देशों को अपना निशाना बनाया था तो एक लाख़ से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

अकेले इंडोनेशिया में ही करीब सवा लाख लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई थी.

संयुक्त राष्ट्र ने भी मरने वालों की संख्या के डेढ़ लाख़ के आसपास होने का अनुमान लगाया था.

नया सफ़र

स्टेडियम को ठीकठाक करने के दौरान ख़राब मौसम भी बाधा पैदा करता रहा और अब जाकर स्टेडियम खेलने लायक हुआ है.

हालाँकि स्टेडियम में अब भी नए चबूतरों को बनाने का काम अधूरा है. इस मैदान पर अब तक 11 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं.

पुनर्निर्माण के बाद गॉल स्टेडियम को औपचरिक तौर पर श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिन्दा राजपक्षे फिर से मैचों के लिए खोल चुके हैं.

बीबीसी संवाददाता बताते हैं कि यह बात मायने नहीं रखती कि इंग्लैंड और मेज़बान टीम के बीच मैच में क्या सुविधाएँ मुहैया हैं.

महत्वपूर्ण यह है कि श्रीलंका में सूनामी की तबाही का प्रतीक बने इस स्टेडियम को नया जीवन मिल गया है.

क्रिकेट से कुछ ज़्यादा

इंग्लैंड के खिलाड़ी जब अभ्यास के लिए मैदान में पहुँचे तो मुख्य द्वार बनाया ही जा रहा था. मैदान के कर्मचारी बाहरी मैदान को सुखाने की मशक्क़त कर रहे थे.

लेकिन, खिलाड़ियों ने कहा कि पिच की स्थिति उनके लिए कोई मायने नहीं रखती.

उनका कहना है कि यह क्रिकेट मैच श्रीलंका के लिए एक हृदयस्पर्शी क्षण है. विनाशलीला का प्रतीक बने इस स्टेडियम को नई ज़िंदगी मिल रही है.

इंग्लैंड के खिलाड़ी केविन पीटरसन ने रविवार को बीबीसी से कहा कि मैदान की स्थिति को लेकर चिंता के बावज़ूद मैच को आगे बढ़ाना हमारी ज़वाबदेही है.

उन्होंने कहा, "विकेट पिछले तीन साल से पानी में था. यहाँ क्रिकेट से ज़्यादा बड़ी बात हो रही है."

श्रीलंका के कप्तान माहेला जयवर्द्धने कहते हैं, "चार साल पहले जिन लोगों ने हमें यहाँ खेलते देखा होगा, शायद उनमें कई आज हमारे बीच नहीं हैं."

जयवर्द्धने कहते हैं, "लेकिन एक देश के तौर पर सूनामी के बाद हम अच्छे से आगे बढ़े हैं. लोगों ने अपनी ज़िंदगी में काफ़ी तरक्की की है. इसलिए यह ज़श्न मनाने का मौक़ा है."