सोमवार, 17 दिसंबर, 2007 को 14:02 GMT तक के समाचार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई को पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में 14 मार्च को हुई पुलिस फ़ायरिंग पर अपनी अंतिम जाँच रिपोर्ट दो महीने के भीतर पेश करने का आदेश दिया है.
नंदीग्राम में रासायनिक इकाई के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे ग्रामीणों पर पुलिस फ़ायरिंग में 14 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे.
सीबीआई ने इस मामले पर अपनी आरंभिक रिपोर्ट सोमवार को न्यायालय में पेश की.
सीबीआई ने मामले की जाँच और अंतिम रिपोर्ट के लिए न्यायालय से चार महीने का वक़्त माँगा, लेकिन मुख्य न्यायाधीश एसएस निज्जर और न्यायाधीश पिंकी चंद्र घोष ने सीबीआई को अंतिम रिपोर्ट 15 फरवरी से पहले पेश करने के आदेश दिए.
कड़ा रुख़
अदालत में कई लोगों ने याचिका दाख़िल कर जाँच कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए सीबीआई को निर्देश देने की माँग की थी.
इससे पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने नंदीग्राम में पुलिस फ़ायरिंग की जाँच सीबीआई को सौंपने का विरोध किया था और कहा था राज्य की एजेंसियां ही जाँच करने में सक्षम हैं.
सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने नंदीग्राम हिंसा को 'असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण' क़रार दिया था और सीबीआई को अपनी जाँच जारी रखने के आदेश दिए थे.
हाईकोर्ट के आदेश पर ही पश्चिम बंगाल सरकार ने पुलिस फ़ायरिंग में मारे गए सभी 14 लोगों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की थी.