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फ़रार क़ैदियों को पकड़ने का अभियान

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जेल से फ़रार हुए लगभग तीन सौ क़ैदियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अभियान शुरु कर दिया है. इनमें सौ से ज़्यादा नक्सली हैं.

छत्तीसगढ़ पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि जेल में कुल 377 क़ैदी थे जिनमें से 298 भागने में कामयाब हो गए.

क़ैदियों ने रविवार रात को खाना खाने के समय सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीन लिए और जेल से निकल गए.

फ़रार क़ैदियों में 105 माओवादी विद्रोही थे. माओवादियों ने पिछले तीस वर्षों से भारत के कई राज्यों में हिंसक आंदोलन चला रखा है. उनका कहना है कि वे भूमिहीनों और आदिवासियों के हक़ों के लिए लड़ रहे हैं.

छत्तीसगढ़ के 16 में से आठ ज़िलों में माओवादी विद्रोहियों का असर है.

कार्रवाई

इस संदर्भ में राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी-जेल) एसके पासवान ने बीबीसी से बातचीत में बताया कि घटना के बाद कार्रवाई करते हुए जेल सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले 10 लोगों को निलंबित कर दिया गया है.

निलंबित लोगों में से एक डिप्टी जेलर, एक एसिसटेंट जेलर, तीन मुख्य प्रहरी और पाँच प्रहरी हैं.

डीजीपी ने बताया कि घटना शाम पाँच बजे तब हुई जब क़ैदियों को भोजन परोसा जा रहा था. भोजन परोसते समय एक क़ैदी ने खाना दे रहे संतरी को पकड़ लिया और एक गुट ने जाकर गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी को पकड़ लिया.

इसके बाद क़ैदियों ने सुरक्षाकर्मी से शस्त्रागार की चाबी छीन ली और शस्त्र निकालकर गोलीबारी शुरू कर दी. इसमें एक क़ैदी और दो संतरी घायल हो गए हैं.

इसके बाद क़ैदियों ने मुख्य दरवाज़ा खोल दिया और कई क़ैदी जेल से भाग निकले.

डीजीपी ने कहा कि आगे जाँच के बाद जो भी अन्य अधिकारी और कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की जाएगी.