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शुक्रवार, 14 दिसंबर, 2007 को 19:30 GMT तक के समाचार

पाकः परमाणु अस्त्र राष्ट्रपति के नियंत्रण में

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने एक अध्यादेश जारी करके देश के परमाणु हथियारों का नियंत्रण राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में कर दिया है.

राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस तरह प्रधानमंत्री के नियंत्रण से परमाणु हथियारों को बाहर कर दिया है.

हालांकि उनके इस ताज़ा अध्यादेश को अभी संसद से मंज़ूरी मिलनी बाकी है और इस बारे में अगले छह महीने की समयावधि में संसद कोई निर्णय ले सकती है.

राष्ट्रपति की ओर से यह ताज़ा अध्यादेश ऐसे वक्त में आया है जब दुनिया के कुछ देशों की ओर से पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर पिछले कुछ समय से चिंताएं व्यक्त की जा रही थीं.

कुछ देशों ने इस बात पर चिंता जाहिर की थी कि राजनीतिक परिवर्तन के साथ ही कहीं ऐसी परिस्थितियाँ न बन जाएं कि परमाणु हथियार चरमपंथियों के हाथों में पहुँच जाएं.

परवेज़ मुशर्रफ़ के इस अध्यादेश के बाद अब राष्ट्रपति का नियंत्रण देश के नेशनल कमांड एथौरिटी (एनसीए) पर हो गया है.

एनसीए वो इकाई है जिसके पास पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के प्रयोग की ज़िम्मेदारी है.

हथियारों की चिंता

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान में अगले महीने आठ जनवरी को आम चुनाव होने हैं और जानकारों का मानना है कि अगर वहाँ निष्पक्ष चुनाव होते हैं तो मुशर्रफ़ विरोधी सरकार बागडोर संभाल सकती है.

पाकिस्तान के सेना प्रवक्ता वहीद अरशद ने कहा है कि देश के राजनीतिक दलों के बीच इस बात को लेकर सर्वसम्मति बनी थी कि देश के परमाणु हथियारों को संभालने और प्रयोग करने का ज़िम्मा एनसीए को होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले यह ज़रूरी हो गया है कि परमाणु हथियारों के प्रति ज़िम्मेदार इस इकाई को एक क़ानूनी जामा पहना दिया जाए.

पिछले दिनों पाकिस्तान ने कहा था कि अमरीका देश के परमाणु हथियारों की सुरक्षा में उनकी मदद कर रहा है.

लेकिन इसके बाद पाकिस्तान में इस सुझाव की कड़ी निंदा की गई थी कि पाकिस्तान की सेना देश में आकर परमाणु हथियारों की सुरक्षा का ज़िम्मा अपने हाथ में ले.