गुरुवार, 13 दिसंबर, 2007 को 17:43 GMT तक के समाचार
फ़ैसल मोहम्मद अली,
बीबीसी संवाददाता, भोपाल
छत्तीसगढ़ में पिछले चौबीस घंटों में दो अलग अलग स्थानों पर नक्सली हमले में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई है और तीन अन्य घायल हैं.
नक्सलियों ने पहले एक पुलिस थाने पर और बाद में अर्धसैनिक बलों की टुकड़ी पर हमला किया.
पुलिस थाने पर किए गए हमले में तीन पुलिसकर्मी मारे गए जबकि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बस की एक टुकड़ी पर हुए हमले में एक जवान की मौत हो गई है.
बस्तर पुलिस महानिरीक्षक आर के विज ने कहा कि सीआरपीएफ पर बंदूकों से किया गया हमला गुरुवार की सुबह तब हुआ जब अर्द्धसैनिक बल कि एक टुकडी बीजापुर जिले में सिथित चेरामुंगी पोस्ट से मुर्किनार जा रही थी.
दूसरी घटना में, माओवादियों ने बड़ी तादाद में बस्तर जिले के विसरामपुरी थाने पर हमला बोला.
उस समय वहाँ सिर्फ़ एक रिवाल्वर के साथ महज़ आधा दर्जन पुलिस कर्मी मौजूद थे.
नक्सलियों ने तीन पुलिस वालों को गोलियों से भून डाला और वायरलेस पर मुख्यालय ख़बर देने कि कोशिश कर रहे आप्रेटर के पांवों में गोली मार दी.
नक्सल प्रभावित क्षेत्र के थाने में पुलिस के पास हथियार न होने और उनकी कम तादाद को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक श्रीमोहन शुक्ला कहते हैं कि ऐसे इलाके के पुलिस थानों में छोटी संख्या में पुलिस बल का रखा जाना बिल्कुल ग़लत है.
वह कहते हैं कि बल को हर और फैलाने कि बजाये ठीक तादाद में उत्तम हथियारों के साथ ऐसी जगहों पर रखना कारगर सिद्ध होगा जो मज़बूत घेराबंदी में हो क्योंकि बार बार हमलों और उसमें मारे जाने से बल पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी पड़ता है.
हालांकि राज्य सरकार बार बार पुलिस बल और अधिकारियों कि भारी कमी और भर्ती में आनेवाली परेशानियों कि बात करती रही है लेकिन पुलिस आधुनिकीकरण के लिए उसे हर वर्ष केन्द्र सरकार से एक बड़ी रकम मुहैया होती है.