गुरुवार, 13 दिसंबर, 2007 को 08:02 GMT तक के समाचार
भारतीय संसद पर हमले के छह साल पूरे होने पर इसमें मारे गए लोगों की स्मृति में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है.
ग़ौरतलब है कि भारतीय संसद पर 13 दिसंबर, 2001 को हुए हमले में पाँच हमलावरों समेत 14 लोग मारे गए थे.
इसमें दिल्ली पुलिस के पाँच जवान और एक सीआरपीएफ़ की महिला कांस्टेबिल शामिल थी.
संसद में श्रद्धांजलि आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोक सभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी, गृह मंत्री शिवराज पाटिल और विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी मौजूद थे.
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मोहम्मद अफ़ज़ल को फांसी की सज़ा सुनाई थी और उनकी क्षमादान की अपील राष्ट्रपति के विचाराधीन है.
भाजपा ने मुद्दा बनाया
दूसरी ओर भाजपा ने संसद पर हमले की बरसी पर मोहम्मद अफ़ज़ल को फाँसी की सज़ा देने की माँग की है.
भाजपा इस मुद्दे को गुजरात चुनावों के दौरान भी उठा रही है. पार्टी ने दूसरे चरण के मतदान से पहले स्थानीय अख़बारों में विज्ञापन जारी किया है जिसमें फाँसी की सज़ा न दिए जाने पर सवाल उठाया है.
भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा का कहना था,'' संसद पर हमले की बरसी को याद करने का सबसे अच्छा तरीका है कि मोहम्मद अफ़ज़ल को फाँसी की सज़ा दे दी जाए.''
उन्होंने बढ़ते हुए चरमपंथी हमलों के मद्देनज़र आतंकवाद विरोधी क़ानून पोटा को दोबारा लागू करने की माँग की.
भारत ने आरोप लगाया था कि इसके पीछे पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई का हाथ है. जबकि पाकिस्तान ने हमले की निंदा करते हुए उसमें हाथ होने से इनकार किया था.
उस हमले के बाद दोनों देशों के संबंध ख़राब हो गए थे और एक बार तो युद्ध की नौबत तक आ गई थी.