मंगलवार, 11 दिसंबर, 2007 को 16:48 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, कोलकाता
पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम के पारूलबारी क्षेत्र में सीआरपीएफ़ के जवानों ने एक धान के खेत की घेराबंदी कर ली है और उनका कहना है कि न्यायिक मजिस्ट्रेट के वहाँ पहुँचने और उनके आदेश के बाद खेत की खुदाई शुरू की जाएगी.
केंद्रीय सुरक्षा बल (सीआरपीएफ़) के वरिष्ठ अधिकारी आरके शर्मा का कहना है कि सोमवार को किसानों ने धान के खेत में शवों की मौजूदगी की आशंका जताई थी.
शर्मा का कहना था, " उस जगह से असहनीय बदबू आ रही है."
पश्चिम बंगाल की सरकार ने सीआईडी को इस मामले की जाँच करने का निर्देश दिया है.
राज्य के गृह सचिव प्रसाद रंजन रॉय ने कहा, "हमें पता चला है कि पारूलबारी के एक धान के खेत में कुछ शव हो सकते है. हम चाहते हैं कि सीआईडी इस पूरे मामले की जाँच करे और शवों की पहचान करे."
लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि सीआईडी पारदर्शी तरीके से जाँच नहीं कर पाएगी. वे इस मामले की जाँच सीबीआई से करवाना चाहते हैं.
विवाद
सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) का कहना है कि शव उनके समर्थकों के हैं जिनकी हत्या विरोधियों ने कर दी थी, जबकि विरोधी पक्ष का कहना है कि सीपीएम के समर्थकों ने नवंबर में नंदीग्राम में हुई हिंसा में उनके समर्थकों को मार डाला था और शव उनके समर्थकों के है.
एक सप्ताह पहले ही नंदीग्रीम के नजदीक खेजुरी में एक नाले से पाँच अधजले शव क्षत-विक्षत अवस्था में निकाले गए थे.
पुलिस का कहना है कि उन पाँच शवों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है लेकिन यह मामला हाल में हुई हिंसा से जुड़ा हो सकता है.
उनका कहना है कि ये शव अक्तूबर में बम बनाने के दौरान मरे हुए लोगों के हो सकते हैं.
नंदीग्राम में वर्ष 2007 में कई महीनों तक जब-तब हुई हिंसा में कम से कम 40 लोगों की मौत हो चुकी है और तक़रीबन 10,000 लोग बेघर हो गए हैं.
नंदीग्राम के लोग वहाँ पर विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज़) बनाने के सरकार के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने नंदीग्राम को पिछले सप्ताह 'राजनीतिक और प्रशासनिक विफलता' कहा था.