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सोमवार, 10 दिसंबर, 2007 को 07:44 GMT तक के समाचार

मोदी के 'बयान' पर सुनवाई टली

सुप्रीम कोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख फर्ज़ी मुठभेड़ मामले में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर कार्रवाई संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई बुधवार तक टाल दी है.

सोहराबुद्दीन शेख़ के भाई रुबाबुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने एक चुनावी रैली में अपने भाषण के दौरान सोहराबुद्दीन के फ़र्जी मुठभेड़ को सही ठहराया है.

अर्जियों के ज़रिए अदालत से अनुरोध किया गया है कि लोगों को भड़काने के लिए मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया जाए.

बहस

न्यायमूर्ति तरुण चटर्जी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सोमवार को मामले की सुनवाई की.

इस दौरान रूबाबुद्दीन के वकील दुष्यंत दवे, पूर्व क़ानून मंत्री अरुण जेटली और मुकुल रोहतगी के बीच तीखी बहस हुई.

सोहराबुद्दीन शेख़ फ़र्जी मुठभेड़ मामले में अदालत की मदद कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रमण्यम ने मंगरौल में चुनावी रैली के दौरान नरेंद्र मोदी के गुजराती में दिए गए भाषण का अनुवाद पेश किया.

सुब्रमण्यम का कहना था कि पहली नज़र में ये भाषण न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नज़र आता है.

विभिन्न पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई बुधवार को होगी.

गुजरात में पहले दौर का चुनाव मंगलवार को होगा, जबकि दूसरे दौर में 16 दिसंबर को मतदान होगा.

फ़र्जी मुठभेड़ मामला

राज्य में वर्ष 2005 में शेख सोहराबुद्दीन नामक एक शख्स को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था. इस व्यक्ति को चरमपंथी करार दिया गया था.

रिपोर्टों के अनुसार 26 नवंबर 2005 को गुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) और राजस्थान पुलिस की एक मुठभेड़ में सोहराबुद्दीन शेख़ मारे गए थे.

बाद में इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाकर सोहराबुद्दीन के परिजनों ने इस मुठभेड़ को फ़र्ज़ी बताया था और न्याय की गुहार लगाई थी.

इसके बाद इस मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों- डीजी वंज़ारा, राजकुमार पांडियन और दिनेश कुमार एमएन को गिरफ़्तार किया गया था जो अभी न्यायिक हिरासत में हैं.

साथ ही गुजरात पुलिस ने अदालत में स्वीकार किया था कि कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मारे गए सोहराबुद्दीन शेख़ की पत्नी क़ौसर बी की हत्या हो चुकी है और उसके शव को जला दिया गया था.

मामले की जाँच फिलहाल गुजरात की अपराध जाँच शाखा यानी सीआईडी कर रही है.