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शुक्रवार, 07 दिसंबर, 2007 को 07:20 GMT तक के समाचार

हफ़ीज़ चाचड़
कराची से

न्यायपालिका की बहाली पर मतभेद

पाकिस्तान में चुनाव के बहिष्कार को लेकर विपक्षी पार्टियों के गठबंधनों के बीच हुई बैठक में 16 में से 14 मुद्दों पर सहमति बन गई है लेकिन न्यायपालिका की बहाली पर मतभेद बरक़रार हैं.

गुरुवार देर रात बेनज़ीर भुट्टो के नेतृत्व वाले गठबंधन एलायंस फ़ॉर रिस्टोरेशन ऑफ़ डेमोक्रेसी (एआरडी) और नवाज़ शरीफ के ऑल पार्टी डेमोक्रेटिक मूवमेंट (एपीडीएम) की संयुक्त समित की अंतिम बैठक हुई.

समिति के सदस्य हासिल बज़िंजू ने बैठक के बाद बीबीसी को बताया, "सोलह में से 14 मुद्दों पर सहमति बन गई है. बैठक में इमरजेंसी से पहले वाली न्यायपालिका की बहाली के मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई है."

समिति के एक और सदस्य एसएन इक़बाल ने बताया, "समित की सिफ़ारिशों की रिपोर्ट दोनों गठबंधन के नेताओं - बेनज़ीर और नवाज़ शरीफ़ को दी जाएगी. वही बहिष्कार की समय सीमा तय करेंगे."

निष्पक्ष चुनाव, संविधान की बहाली, इमरजेंसी की बहाली, चुनाव नियमों में संशोधन, कार्यवाहक सरकार में बदलाव और इमरजेंसी से पहले वाली न्यायपालिका की बहाली बहिष्कार के प्रमुख मुद्दे हैं.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ का कहना है कि चुनाव बहिष्कार के मुद्दे पर विपक्षी दलों को एक बार फिर विचार करना चाहिए क्योंकि वह देश के हित में है.

उन्होंने कहा, "बहिष्कार तभी क़ामयाब होगा जब ये सर्वसम्मति से हो. इस समय ये विपक्ष के पास एक ऐसा हथियार है जिसका इस्तेमाल कर पाकिस्तान के हालात बेहतर किए जा सकते हैं."

लेकिन पर्यवेक्षकों का मानना है कि अब बेनज़ीर भुट्टो चुनाव बहिष्कार के मुद्दे पर विचार नहीं करेंगी क्योंकि वे आम चुनाव में सीटों के बटवारे को लेकर अन्य विपक्षी दलों से संपर्क कर रहीं हैं.

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और राजनेता इमरान ख़ान ने भी न्यायपालिका की बहाली की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया.