शुक्रवार, 07 दिसंबर, 2007 को 12:27 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी के पूर्वोत्तर संवाददाता
लगातार कई साल तक मना करने के बाद आख़िरकार चीन ने अरूणाचल प्रदेश के एक प्रोफ़ेसर को चीन का वीज़ा दे दिया है.
चीन अरूणाचल प्रदेश पर अपना दावा ठोंकता रहा है.
उसका कहना है कि अरूणाचल प्रदेश चीन का ही हिस्सा है और ऐसे में स्थानीय लोगो को चीन आने के लिए वीज़ा की ज़रूरत नही है.
लेकिन अब दिल्ली स्थित चीनी दूतावास ने प्रोफ़ेसर मारपे सोरा को चीन भ्रमण के लिए वीज़ा दे दिया है. मारपे सोरा अरूणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर के राजीव गाँधी विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर हैं.
अधिकारिक सूत्रो के अनुसार मारपे सोरा भारतीय उद्योग महासंघ के इंडो-चाईना एलायंस सेंटर के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने चीन जा रहे हैं.
निराशा
इस साल के शुरू में चीन ने भारतीय प्रशासनिक अधिकारी औऱ अरूणाचल प्रदेश के निवासी गणेश कोयु को वीज़ा देने से इन्कार कर दिया था.
भारत सरकार ने चीन के इस रवैये पर निराशा ज़ाहिर की थी और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल की चीन यात्रा को रद्द कर दिया था.
हाल के दिनो में चीन की ओर से बयान आए थे जिसमें सीमा विवाद को लेकर चल रही बातचीत में तल्ख़ी आई थी.
जानकारो का मानना है कि ताज़ा फ़ैसले से चीन ने भारत को ये संदेश देने का प्रयास किया है कि चीन भारत के साथ सीमा विवाद सुलझाने के लिए गंभीर है.