शुक्रवार, 07 दिसंबर, 2007 को 19:20 GMT तक के समाचार
उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय और अफ़ग़ान सेनाओं ने दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के एक शहर को तालेबान से छुड़ाने के लिए बड़ा अभियान शुरु किया है.
नैटो के मुताबिक ब्रितानी और अफ़ग़ान सेनाओं ने के मूसा क़ला कस्बे पर फिर कब्ज़े के लिए सैन्य अभियान छेड़ा है.
उल्लेखनीय है कि फ़रवरी में इस इलाक़े पर तालेबान विद्रोहियों ने क़ब्ज़ा कर लिया था.
मुख्य हमले की कमान अमरीकी सैनिक संभालेंगे जिन्हें हेलीकॉप्टरों के ज़रिए वहाँ उतारा जा रहा है.
तालेबान का कहना है कि उसके दो हज़ार लड़ाके हेलमंद प्रांत के इस शहर पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए लड़ रहे हैं.
मूसा क़ला तालेबान का मज़बूत गढ़ रहा है. यह इलाक़ा अफीम के व्यापार का केंद्र भी है और अब दोनों पक्षों के लिए ये प्रतीकात्मक महत्व का केंद्र बन गया है.
ताज़ा हमले शुक्रवार को ब्रितानी और अफ़ग़ान सेनाओं की ओर से हुए. अमरीकी सेना के सहयोग से यह कार्रवाई शनिवार को भी जारी रहने की उम्मीद है.
तालेबान ने हेलमंद प्रांत के गवर्नर के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था जिसमें उनसे हथियार डालने की अपील की गई थी.
जब स्थानीय कबायली सरदारों को संघर्ष की ख़बरें मिलीं तो सैंकड़ों लोगों ने वहाँ से पलायन करना शुरू कर दिया.
संवाददाता का कहना है कि ब्रितानी सेनाओं ने 2006 में भारी संघर्ष के बाद मूसा क़ला पर कब्ज़ा कर लिया था.
लेकिन क़बायली नेताओं के हस्तक्षेप के बाद तालेबान लड़ाकों को रास्ता देने संबंधी एक विवादास्पद समझौते के बाद सेनाएँ पीछे हट गईं थीं.
इस साल फ़रवरी में तालेबान लड़ाके फिर वहाँ आ गए और उन्होंने वहाँ मोर्चा जमा लिया.