गुरुवार, 06 दिसंबर, 2007 को 11:45 GMT तक के समाचार
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार विधानमंडल और संसद में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने को प्रतिबद्ध है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इस मसले पर व्यापक सहमति बनाने की कोशिश कर रही है.
मनमोहन ने लैंगिक समानता पर पूर्वी एशियाई देशों के मंत्रियों की दिल्ली में शुरू हुई दूसरी बैठक में कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी से शासन में क्रांतिकारी बदलाव आ सकता है.
प्रधानमंत्री ने कहा, "संसद और विधानमंडल में महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व मुहैया कराने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं."
विधायिका में महिलाओं के लिए 33 फ़ीसदी सीटें आरक्षित करने वाले लंबे समय से लटके इस विधेयक को लेकर प्रधानमंत्री नाउम्मीद नहीं दिखे.
उन्होंने कहा, "हमलोग इस मसले पर एक व्यापक सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं."
"आ रहा बदलाव"
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकायों में दस लाख से ज़्यादा महिलाओं के चुने जाने से नीतियों और महिलाओं को लेकर सामाजिक नज़रिया में उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है.
उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि उच्चतम स्तर पर राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बेहतर शासन सुनिश्चित करने की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी."
मनमोहन ने कहा कि दूसरे देशों का अनुभव बताता है कि शासन प्रक्रिया में महिलाओं के शामिल होने से लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण में मदद मिलती है.
उन्होंने कहा, "हमारी सरकार समाज, राजनीति, आर्थिक जीवन और सबसे ऊपर परिवार और समुदाय में लैंगिक समानता शीघ्र सुनिश्चित करने की ज़रूरत महसूस करती है."